Jared Kushner Allegations : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद और उनके पूर्व वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर को लेकर एक नई रिपोर्ट में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। वैनिटी फेयर की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन के पहले कार्यकाल के दौरान कुशनर की फोन गतिविधियों पर डच खुफिया अधिकारियों ने कथित तौर पर नजर रखी थी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस निगरानी के दौरान खाड़ी देशों और इजरायल के नेताओं से जुड़े संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जानकारी सामने आई। हालांकि, ये आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
डच जासूसों की निगरानी को लेकर क्या दावा किया गया?
रिपोर्ट के मुताबिक, डच खुफिया अधिकारियों ने कुशनर के आईफोन की गतिविधियों पर गुप्त निगरानी की थी। इसी दौरान कथित तौर पर ऐसे लेन-देन का पता चला, जिनका संबंध सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और इजरायल के नेताओं से बताया गया है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि इन वित्तीय गतिविधियों के जरिए अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने संबंधित नेताओं के एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश की गई। हालांकि, इन दावों के समर्थन में उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी गलत काम को सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।

कुशनर ने आरोपों को बताया पूरी तरह झूठा
जेरेड कुशनर ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों का कड़ा खंडन किया है। उन्होंने इन दावों को बेहद आपत्तिजनक और पूरी तरह मनगढ़ंत बताया। सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कुशनर ने कहा कि रिपोर्ट पत्रकारिता के बजाय कल्पना और बनाई गई कहानियों पर आधारित है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रिपोर्ट के जरिए किसी विशेष एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। कुशनर की प्रतिक्रिया के बाद यह मामला और चर्चा में आ गया है।
मैथ्यू कोल की किताब से जुड़ा है पूरा विवाद
इस विवाद का संबंध लेखक मैथ्यू कोल की आगामी किताब प्रिंसेस एंड थीव्स: जेरेड कुशनर एंड मोहम्मद बिन जायद्स सीक्रेट प्लॉट टू रीमेक द मिडिल ईस्ट से बताया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, लेख में प्रस्तुत आरोप किताब के एक हिस्से पर आधारित हैं। इसमें ट्रंप प्रशासन के पहले कार्यकाल के दौरान कुशनर की कथित गतिविधियों और मध्य पूर्व के नेताओं के साथ उनके संबंधों पर सवाल उठाए गए हैं। किताब में किए गए दावों और उनकी पुष्टि के बीच अंतर समझना जरूरी है।

UAE से जुड़े बैंक खाते में 750 मिलियन डॉलर का दावा
रिपोर्ट का एक अहम हिस्सा संयुक्त अरब अमीरात से जुड़े बैंक खाते में कथित तौर पर हुए बड़े वित्तीय लेन-देन से संबंधित है। इसमें दावा किया गया है कि कुशनर ने UAE से जुड़े एक बैंक खाते का इस्तेमाल किया, जिसमें अजरबैजान के एक बैंक से करोड़ों डॉलर आए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, UAE सरकार से वित्तीय सहायता पाने वाली संस्था वतनी अल इमारात फाउंडेशन के नाम पर फर्स्ट अबू धाबी बैंक में मौजूद खाते में लगभग 750 मिलियन डॉलर ट्रांसफर किए गए थे।
आरोपों पर आगे क्या?
इस मामले में विदेशी फंडिंग, वित्तीय पारदर्शिता और संभावित हितों के टकराव से जुड़े सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, केवल रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों के आधार पर किसी अवैध गतिविधि या अनुचित प्रभाव की पुष्टि नहीं की जा सकती। कुशनर ने आरोपों को खारिज किया है। मामले की वास्तविक स्थिति समझने के लिए संबंधित वित्तीय दस्तावेजों, स्वतंत्र पुष्टि और अन्य पक्षों की प्रतिक्रियाओं को देखना जरूरी होगा।
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