IND vs USA: टी-20 वर्ल्ड कप में भारतीय पारी 161 पर सिमटी; सूर्या ने 84 रनों से बचाई लाज

वानखेड़े में अमेरिका के गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजी की चूलें हिला दीं। अभिषेक शर्मा, शिवम दुबे और हार्दिक पांड्या जैसे धुरंधर दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। भारत के 6 बल्लेबाज सिंगल डिजिट पर आउट हुए। क्या सूर्यकुमार यादव की 84 रनों की जादुई पारी भारत को हार से बचा पाएगी या अमेरिका करेगा बड़ा धमाका?

IND vs USA

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 7, 2026

IND vs USA: टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के अपने शुरुआती मुकाबले में भारतीय टीम को विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे अनुभवी दिग्गजों की कमी साफ तौर पर खलती नजर आई। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। अमेरिका के अनुशासित गेंदबाजी आक्रमण के सामने भारतीय बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह चरमरा गया। टीम निर्धारित 20 ओवरों में 9 विकेट के नुकसान पर महज 161 रनों का स्कोर ही खड़ा कर सकी। एक समय ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम 100 रन के आंकड़े तक पहुँचने के लिए भी संघर्ष करेगी, लेकिन कप्तान सूर्यकुमार यादव ने एक छोर संभाले रखा और टीम को एक सम्मानजनक स्थिति तक पहुँचाया।

पावरप्ले में तबाही: वेन शल्कविक के एक ओवर ने बदला मैच का रुख

मैच की शुरुआत से ही मेजबान अमेरिका के गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों पर हावी दिखे। दूसरे ही ओवर में सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा बिना खाता खोले (शून्य पर) पवेलियन लौट गए। भारतीय टीम इस झटके से उबरी भी नहीं थी कि छठे ओवर में वेन शल्कविक ने कहर बरपा दिया। उन्होंने अपने इस एक ओवर में ईशान किशन, तिलक वर्मा और शिवम दुबे जैसे इन-फॉर्म बल्लेबाजों को आउट कर भारतीय खेमे में खलबली मचा दी। पावरप्ले (पहले 6 ओवर) समाप्त होने तक भारत ने अपने 4 महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए थे। स्थिति इतनी विकट थी कि टीम के 6 मुख्य बल्लेबाज दहाई (10 रन) का आंकड़ा भी नहीं छू सके।

कप्तान का क्लास: सूर्यकुमार यादव ने बनाए कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड

जब एक तरफ विकेटों का पतझड़ लगा था, तब कप्तान सूर्यकुमार यादव (SKY) ने अपनी क्लास दिखाई। ‘मिस्टर 360’ के नाम से मशहूर सूर्या ने 49 गेंदों का सामना करते हुए शानदार 84 रनों की पारी खेली। अपनी इस कप्तानी पारी के दौरान उन्होंने न केवल अपना 8वां टी-20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक जड़ा, बल्कि बतौर कप्तान अपने 1000 टी-20 रन भी पूरे किए। उनकी इस पारी में मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट्स देखने को मिले। सूर्या की इसी साहसी बल्लेबाजी की बदौलत भारत 160 के पार पहुँचने में सफल रहा, वरना टीम बहुत कम स्कोर पर सिमट सकती थी।

पारी का अंत और अमेरिका की शानदार रणनीति

पारी के अंतिम ओवरों में भी अमेरिकी गेंदबाजों ने अपनी पकड़ ढीली नहीं होने दी। भारतीय पुछल्ले बल्लेबाज रनों की गति बढ़ाने के प्रयास में अपना विकेट गंवाते रहे। पारी की आखिरी गेंद पर वरुण चक्रवर्ती बिना कोई रन बनाए (0) रन आउट हो गए, जिससे भारत का स्कोर 161 रन पर रुक गया। अमेरिका ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग करने का जो फैसला लिया था, वह पूरी तरह सही साबित हुआ। उन्होंने वानखेड़े की पिच पर मौजूद शुरुआती नमी और उछाल का भरपूर फायदा उठाया और विश्व चैंपियन भारत को दबाव में डाल दिया।

लक्ष्य और चुनौती: क्या भारतीय गेंदबाज कर पाएंगे बचाव?

अब जीत का दारोमदार भारतीय गेंदबाजों पर है। 162 रनों का लक्ष्य वानखेड़े जैसे छोटे मैदान पर बहुत बड़ा नहीं माना जाता, लेकिन भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में वह दमखम है कि वे मैच को रोमांचक बना सकें। अमेरिका के लिए यह सुनहरा मौका है कि वे एक बड़ी उलटफेर भरी जीत दर्ज करें, वहीं भारत के युवा ब्रिगेड के लिए अपनी साख बचाने की अग्निपरीक्षा होगी। सूर्या की इस मेहनत पर गेंदबाज पानी फेरते हैं या इसे जीत में तब्दील करते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा।

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