ग्वालियर में कलेक्टर रूचिका चौहान ने आंगनवाड़ी बच्चों को ABCD सिखाने के लिए अपनाया आसान तरीका

ग्वालियर प्रशासनिक सख्ती के साथ संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए ग्वालियर जिला कलेक्टर आईएएस रूचिका चौहान एक अलग ही भूमिका में नजर आईं। शनिवार को वे बिना पूर्व सूचना अपने सरकारी आवास से निकलकर आंगनबाड़ी और स्कूलों के निरीक्षण पर पहुंचीं, जहां उन्होंने बच्चों के बीच बैठकर टीचर की भूमिका निभाई। आंगनबाड़ी केंद्र में पहुंचते ही कलेक्टर रूचिका चौहान नन्हे बच्चों के बीच घुल-मिल गईं। उन्होंने नर्सरी कक्षा के बच्चों से बातचीत की और बेहद आसान व रोचक तरीके से अंग्रेजी वर्णमाला ABCD लिखना व पहचानना सिखाया। कलेक्टर को इस रूप में देखकर बच्चे भी बेहद खुश नजर आए।

Wrriten By :

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Published On :

जनवरी 25, 2026

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ग्वालियर
प्रशासनिक सख्ती के साथ संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए ग्वालियर जिला कलेक्टर आईएएस रूचिका चौहान एक अलग ही भूमिका में नजर आईं। शनिवार को वे बिना पूर्व सूचना अपने सरकारी आवास से निकलकर आंगनबाड़ी और स्कूलों के निरीक्षण पर पहुंचीं, जहां उन्होंने बच्चों के बीच बैठकर टीचर की भूमिका निभाई।

आंगनबाड़ी केंद्र में पहुंचते ही कलेक्टर रूचिका चौहान नन्हे बच्चों के बीच घुल-मिल गईं। उन्होंने नर्सरी कक्षा के बच्चों से बातचीत की और बेहद आसान व रोचक तरीके से अंग्रेजी वर्णमाला ABCD लिखना व पहचानना सिखाया। कलेक्टर को इस रूप में देखकर बच्चे भी बेहद खुश नजर आए।

शिक्षकों से की सीधी बातचीत

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्कूल में मौजूद शिक्षकों और स्टाफ से पढ़ाई की गुणवत्ता, उपस्थिति और शैक्षणिक व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की। इसके बाद उन्होंने शासकीय माध्यमिक विद्यालय दानाओली सहित आसपास के अन्य शैक्षणिक संस्थानों का भी निरीक्षण किया।

साफ-सफाई पर दिखाई सख्ती

निरीक्षण के दौरान स्कूल परिसर, शौचालय और आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई का बारीकी से जायजा लिया गया। कलेक्टर रूचिका चौहान ने नगर निगम अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि स्कूलों के अंदर और बाहर सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सड़क, गलियों और स्कूल परिसरों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

कलेक्टर का यह मानवीय और प्रेरणादायक रूप लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। बच्चों को पढ़ाते हुए उनका यह अंदाज प्रशासनिक अधिकारियों के लिए भी एक सकारात्मक संदेश माना जा रहा है।

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