Imran Masood On PM Modi: वैश्विक संकट के गहराते बादलों और देश की आर्थिक चुनौतियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में की गई अपील को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर लगातार हमलावर है। इसी कड़ी में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा तंज कसा है। मसूद ने कहा कि वह पीएम मोदी के शुक्रगुजार हैं कि देर से ही सही, लेकिन आखिरकार उन्हें देश और दुनिया के वास्तविक हालात और गंभीर संकट समझ में आने लगे हैं। विपक्ष का मानना है कि सरकार समय रहते कदम उठाने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
‘भारतीय अर्थव्यवस्था को उपभोक्ता नहीं’
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने देश की मौजूदा वित्तीय स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए राहुल गांधी के पुराने बयानों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने बहुत पहले ही आगाह कर दिया था कि देश की अर्थव्यवस्था तेजी से नीचे गिर जाएगी, लेकिन प्रधानमंत्री और उनकी सरकार ने उन चेतावनियों पर रत्ती भर भी ध्यान नहीं दिया। मसूद ने याद दिलाया कि पिछले साल संसद में बहस के दौरान राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से कहा था कि सरकार भारतीय अर्थव्यवस्था को केवल ‘उपभोक्ता-आधारित’ (Consumer-centric) बनाने की बड़ी भूल कर रही है, जबकि भारत जैसे विशाल देश की प्रगति के लिए इसे ‘उत्पादन-आधारित’ (Production-centric) ढांचा देना बेहद अनिवार्य था। आज सरकार की इसी दूरदर्शिता की कमी का नतीजा पूरा देश भुगत रहा है।
इमरान मसूद ने सरकार को घेरा
अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर सरकार को घेरते हुए इमरान मसूद ने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में भारत जिन विषम परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना कर रहा है, वह असल में भारत की कूटनीति की विफलता (Foreign Policy Failure) का सीधा परिणाम है। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल बुनियादी बातों और जमीनी हकीकतों के बारे में बिल्कुल नहीं सोचता। इस वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव से उबरने के लिए कांग्रेस सांसद ने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को तुरंत एक ‘सर्वदलीय बैठक’ (All-Party Meeting) बुलानी चाहिए। इस संकट काल में देश के शीर्ष आर्थिक और रणनीतिक विशेषज्ञों की राय ली जानी चाहिए और सभी को साथ लेकर ही आगे का रास्ता तय करना चाहिए।
‘विपक्ष को गाली देने के बजाय महंगाई और देश के बड़े संकट पर सोचे BJP’
इमरान मसूद ने आने वाले दिनों के लिए देशवासियों को आगाह करते हुए कहा कि भारत में महंगाई अपने चरम स्तर पर पहुंचने वाली है और देश के सामने एक अभूतपूर्व आर्थिक और सामाजिक संकट दस्तक दे रहा है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि राहुल गांधी ने देश पर आने वाले हर बड़े संकट से पहले सरकार को अलर्ट किया था, चाहे वह कोरोना महामारी (Covid-19 Pandemic) की शुरुआत हो या आर्थिक मंदी। मसूद ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा, “सत्ता पक्ष के पास हमें गाली देने और नीचा दिखाने के लिए बहुत सारा मसाला रहता है। आप हमें गाली देते रहिए, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन कम से कम अब तो इस देश के बारे में भी सोचिए और देश के युवाओं व गरीबों के लिए कुछ ठोस काम करके दिखाइए।”
भारत सरकार के रुख की आलोचना
विदेश नीति के इतिहास का जिक्र करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि भारत पारंपरिक रूप से एक ‘गुटनिरपेक्ष’ (Non-Aligned) राष्ट्र रहा है और हमें अपनी इसी स्वतंत्र नीति पर कायम रहना चाहिए था। उन्होंने पश्चिम एशिया के समीकरणों पर सरकार को घेरते हुए कहा कि यदि आपने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की कूटनीतिक माला पहनी थी, तो आपको ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह खामेनेई के निधन पर भी तुरंत और उचित तरीके से अपनी संवेदनाएं और श्रद्धांजलि प्रकट करनी चाहिए थी।
इमरान मसूद ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पीएम मोदी ने तो इस पर व्यक्तिगत रूप से शोक व्यक्त नहीं किया और भारत सरकार ने भी औपचारिक श्रद्धांजलि देने में एक पूरा हफ्ता लगा दिया। उन्होंने याद दिलाया कि ईरान हमारा एक पुराना और विश्वसनीय दोस्त है, जिसके साथ भारत के सदियों पुराने सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध रहे हैं। मसूद ने कड़े शब्दों में कहा कि इजरायल ऐतिहासिक रूप से हमारा कभी सच्चा दोस्त नहीं था, न आज है और न ही भविष्य में कभी हो सकता है, इसलिए सरकार को अपनी प्राथमिकताओं को ठीक करना होगा।










