छत्तीसगढ़ के विद्युत उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर! E-KYC प्रक्रिया हुई शुरू

दुर्ग. छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा विद्युत उपभोक्ताओं के कनेक्शनों एवं उनके रिकॉर्ड को अधिक प्रमाणिक, अद्यतन और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है. विद्युत रीजन दुर्ग के अंतर्गत दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिले के लगभग 10 लाख 09 हजार 521 निम्नदाब उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी कराया जाएगा, जिसकी शुरुआत 1 सितंबर से होगी. यह प्रक्रिया उपभोक्ता डेटाबेस को सटीक बनाने और यह सुनिश्चित करने में मदद करेगी कि कनेक्शन का उपयोग करने वाला व्यक्ति वास्तविक एवं वैध है. ई-केवाईसी के माध्यम से विद्युत कनेक्शन से संबंधित उपभोक्ता की पहचान का सत्यापन किया

Wrriten By :

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Published On :

सितम्बर 1, 2026

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दुर्ग.

छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा विद्युत उपभोक्ताओं के कनेक्शनों एवं उनके रिकॉर्ड को अधिक प्रमाणिक, अद्यतन और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है. विद्युत रीजन दुर्ग के अंतर्गत दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिले के लगभग 10 लाख 09 हजार 521 निम्नदाब उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी कराया जाएगा, जिसकी शुरुआत 1 सितंबर से होगी.

यह प्रक्रिया उपभोक्ता डेटाबेस को सटीक बनाने और यह सुनिश्चित करने में मदद करेगी कि कनेक्शन का उपयोग करने वाला व्यक्ति वास्तविक एवं वैध है. ई-केवाईसी के माध्यम से विद्युत कनेक्शन से संबंधित उपभोक्ता की पहचान का सत्यापन किया जाएगा. इससे यह सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी कि विद्युत कनेक्शन जिस व्यक्ति के नाम पर दर्ज है, वह वास्तविक एवं वैध उपभोक्ता है तथा वर्तमान में कनेक्शन का उपयोग कौन कर रहा है. इस प्रक्रिया से विद्युत कंपनी को अपने उपभोक्ता रिकॉर्ड को व्यवस्थित एवं अद्यतन करने के साथ वास्तविक उपभोक्ताओं का प्रमाणिक डेटाबेस तैयार करने में मदद मिलेगी. उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ई-केवाईसी के लिए तीन आसान विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं.

उपभोक्ता “मोर बिजली मोबाइल ऐप” के माध्यम से स्वयं ऑनलाइन ई केवाईसी कर सकते हैं. इसके अलावा नजदीकी वितरण केंद्र अथवा जोन कार्यालय में उपस्थित होकर अधिकृत कर्मचारियों के माध्यम से ई-केवाईसी कराया जा सकता है, अथवा मीटर रीडर उपभोक्ता के घर पहुंचकर मोबाइल एप के माध्यम से ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करेगा. ई-केवाईसी के दौरान उपभोक्ता की पहचान का सत्यापन आधार ऑथेंटिकेशन के माध्यम से ओटीपी, फिंगरप्रिंट अथवा फेस ऑथेंटिकेशन से किया जा सकेगा.

यदि किसी उपभोक्ता का नाम विद्युत कनेक्शन एवं आधार कार्ड में अलग है, तो पहले विद्युत कनेक्शन में नाम सुधार करना होगा, जिसके लिए केवल नाम में त्रुटि होने पर कोई प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लिया जाएगा, जबकि मालिकाना हक में परिवर्तन होने पर नियमानुसार शुल्क और दस्तावेज देने होंगे. विद्युत कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी की पूरी प्रक्रिया निःशुल्क है और इसके लिए उपभोक्ता से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा. उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि ई-केवाईसी के नाम पर किसी अनधिकृत व्यक्ति को राशि न दें. उपभोक्ता केवल अधिकृत माध्यमों से ही ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करें और किसी संदिग्ध लिंक या अनधिकृत ऑनलाइन माध्यम का उपयोग न करें.

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