ICC Pregnancy Guidelines: प्रेगनेंसी के बाद मैदान पर लौटने वाली खिलाड़ियों के लिए ICC का खास मॉडल

प्रेगनेंसी के बाद क्रिकेट में वापसी करने वाली महिला खिलाड़ियों के लिए ICC ने खास गाइडलाइंस जारी की हैं। इसमें रिकवरी, ट्रेनिंग, मेडिकल सपोर्ट और छह चरणों वाला मॉडल शामिल है। अब सवाल है कि यह नया सिस्टम महिला क्रिकेटर्स के करियर और मातृत्व के सफर को कैसे बदलेगा।

खिलाड़ियों के लिए ICC का खास मॉडल

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जून 22, 2026

ICC Pregnancy Guidelines: महिला क्रिकेट पिछले कुछ वर्षों में तेजी से आगे बढ़ा है। अब कई देशों में महिला क्रिकेटर्स को पहले से बेहतर सुविधाएं, वेतन और करियर के अवसर मिल रहे हैं। कई क्रिकेट बोर्ड ने महिला खिलाड़ियों के वेतन को पुरुष खिलाड़ियों के बराबर करने की दिशा में भी कदम उठाए हैं। ऐसे माहौल में अब महिला क्रिकेटर्स अपने करियर और मातृत्व दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ने पर ज्यादा गंभीरता से विचार कर रही हैं।

इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी ICC ने प्रेगनेंसी के बाद क्रिकेट में वापसी करने वाली महिला खिलाड़ियों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इनका मकसद खिलाड़ियों को मां बनने के बाद सुरक्षित, व्यवस्थित और आत्मविश्वास के साथ खेल में वापस लाने में मदद करना है।

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सदस्य बोर्डों को मिलेगा स्पष्ट रोडमैप

ICC ने इन गाइडलाइंस के जरिए सभी सदस्य क्रिकेट बोर्डों को एक स्पष्ट सिस्टम उपलब्ध कराया है। इसके तहत बोर्ड महिला खिलाड़ियों को बच्चे के जन्म के बाद रिकवरी, ट्रेनिंग और क्रिकेट में वापसी के दौरान जरूरी सहयोग दे सकेंगे।

गाइडलाइंस के अनुसार, बच्चे के जन्म के बाद शुरुआती 16 हफ्ते बेहद महत्वपूर्ण माने गए हैं। इस दौरान खिलाड़ी की शारीरिक रिकवरी, मानसिक तैयारी, फिटनेस अनुकूलन और धीरे-धीरे अभ्यास शुरू करने पर ध्यान दिया जाएगा। मकसद यह है कि खिलाड़ी जल्दबाजी में मैदान पर न लौटे, बल्कि पूरी मेडिकल निगरानी और योजना के साथ वापसी करे।

हर खिलाड़ी के लिए खास मैनेजर की सलाह

ICC की मेडिकल एडवाइजरी कमेटी द्वारा तैयार की गई इन गाइडलाइंस में कहा गया है कि हर महिला खिलाड़ी के लिए एक विशेष मैनेजर या सपोर्ट पर्सन नियुक्त किया जाना चाहिए। यह व्यक्ति खिलाड़ी की जरूरतों, ट्रेनिंग, मेडिकल सहायता और वापसी की योजना को बेहतर ढंग से संभालने में मदद करेगा।

इसके अलावा बोर्डों को सलाह दी गई है कि खिलाड़ी की ट्रेनिंग को धीरे-धीरे और आसान तरीके से शुरू किया जाए। साथ ही बच्चों की देखभाल, यात्रा व्यवस्था और मेडिकल सपोर्ट जैसी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाए। प्रेगनेंसी के दौरान और बच्चे के जन्म के बाद खिलाड़ी को जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना भी बोर्डों की जिम्मेदारी मानी गई है।

छह चरणों में होगी वापसी की प्रक्रिया

ICC ने वापसी की प्रक्रिया को छह चरणों में बांटा है। इन्हें रेडी, रिव्यू, रिस्टोर, रीकंडीशन, रिटर्न और रिफाइन नाम दिया गया है। इन चरणों के जरिए खिलाड़ी की स्थिति को लगातार जांचा जाएगा और उसी के अनुसार आगे की तैयारी की जाएगी।

इस मॉडल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खिलाड़ी की फिटनेस, रिकवरी और प्रदर्शन पर बराबर ध्यान रहे। बच्चे के जन्म के बाद शरीर को पूरी तरह तैयार होने में समय लगता है, इसलिए हर चरण को सावधानी से लागू करने की बात कही गई है।

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जय शाह ने बताया ऐतिहासिक पहल

ICC चेयरमैन जय शाह ने इन गाइडलाइंस को महिला क्रिकेट के लिए अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि महिला क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को अवसर, समावेश और खिलाड़ियों की देखभाल के आधार पर आगे बढ़ाया जाना चाहिए। किसी भी महिला खिलाड़ी को मां बनने और देश के लिए क्रिकेट खेलने में से किसी एक को चुनने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि ये गाइडलाइंस क्रिकेट जगत में ज्यादा सहयोगी और जागरूक माहौल बनाने की दिशा में बड़ा प्रयास हैं। इससे महिला क्रिकेटर्स को प्रेगनेंसी के दौरान और उसके बाद बेहतर समर्थन मिलेगा और वे आत्मविश्वास के साथ मैदान पर वापसी कर सकेंगी।