ICC ODI World Cup 2027 : अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने आगामी आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 के आधिकारिक वेन्यू और मेजबान मैदानों की पुष्टि कर दी है। यह महाकुंभ मुकाबला अगले साल यानी 2027 के अक्टूबर और नवंबर के महीनों में खेला जाएगा। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह टूर्नामेंट बेहद खास होने वाला है, क्योंकि इसके मुकाबले दुनिया के एक ऐसे रोमांचक क्षेत्र में आयोजित हो रहे हैं, जो दो दशक से भी अधिक समय के लंबे अंतराल के बाद इस ग्लोबल इवेंट की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
अफ्रीका महाद्वीप में 24 साल बाद होगी वापसी
पूरा अफ्रीकी महाद्वीप पूरे 24 साल के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर इतने बड़े क्रिकेट टूर्नामेंट की मेजबानी करने जा रहा है। दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया संयुक्त रूप से मिलकर कुल 12 अलग-पक्षीय शहरों में इस मेगा इवेंट के सभी रोमांचक मुकाबलों का आयोजन करेंगे। गौरतलब है कि इस अफ्रीकी महाद्वीप ने इससे पहले वर्ष 2003 के ऐतिहासिक विश्व कप की सफल मेजबानी की थी, जिसकी यादें आज भी क्रिकेट प्रशंसकों के दिलों में तरोताजा हैं।
दक्षिण अफ्रीका में आखिरी बार हुआ था टी20 वर्ल्ड कप
इस क्षेत्र में खेला गया पुरुषों का अंतिम सबसे बड़ा सीनियर आईसीसी इवेंट साल 2007 का टी20 वर्ल्ड कप था। उस दौरान दक्षिण अफ्रीका ने अकेले दम पर इस टूर्नामेंट के सभी मैचों की सफलतापूर्वक मेजबानी की थी। अब एक बार फिर से अफ्रीकी सरजमीं पर दुनिया भर के दिग्गज क्रिकेट खिलाड़ी आपस में भिड़ेंगे, जिससे खेल प्रेमियों को एक बार फिर से पुराना रोमांच देखने को मिलने की पूरी उम्मीद है।
दक्षिण अफ्रीका होगा मुख्य मेजबान देश
दक्षिण अफ्रीका इस आगामी विश्व कप का मुख्य मेजबान देश होगा, और इसके कुल आठ प्रतिष्ठित शहरों में इस टूर्नामेंट के महत्वपूर्ण मैच खेले जाएंगे। सबसे दिलचस्प बात यह है कि दक्षिण अफ्रीका के इन सभी आठों चुनिंदा शहरों ने साल 2003 में आयोजित हुए वर्ल्ड कप के दौरान भी विभिन्न मैचों की मेजबानी की थी। इससे यह साबित होता है कि इन ऐतिहासिक मैदानों पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के आयोजन का पुराना और शानदार अनुभव रहा है।
जिम्बाब्वे के तीन और नामीबिया का एक नया वेन्यू
जिम्बाब्वे के कुल तीन बेहतरीन वेन्यू इस बड़े इवेंट के मैचों की मेजबानी संभालेंगे। इनमें से दो शहर वही पुराने हैं जहां चौबीस साल पहले मुकाबले हुए थे, जबकि विक्टोरिया फॉल्स में बन रहा नया आधुनिक वेन्यू भी इसमें पहली बार शामिल किया गया है। इसके अलावा, नामीबिया का एक प्रमुख वेन्यू भी इस मेगा इवेंट का हिस्सा बनेगा, क्योंकि नामीबिया का यह देश अपने क्रिकेट इतिहास में पहली बार किसी सीनियर वर्ल्ड कप के मैचों की मेजबानी करने जा रहा है।
केन्या बाहर, अभी शेड्यूल और तारीखों का ऐलान बाकी
पिछली बार यानी 2003 के विश्व कप में केन्या तीसरा सह-मेजबान देश था, लेकिन इस बार के शेड्यूल में केन्या को शामिल नहीं किया गया है और वहां कोई मुकाबला नहीं खेला जाएगा। हालांकि, आईसीसी और मेजबान देशों की तरफ से अभी तक मैचों के आधिकारिक शेड्यूल, तारीखों, सेमीफाइनल तथा फाइनल मुकाबलों के वेन्यू और किस शहर में कुल कितने मैच खेले जाएंगे, इन तमाम महत्वपूर्ण विषयों पर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।
दक्षिण अफ्रीका के प्रमुख मेजबान शहर और मैदान
दक्षिण अफ्रीका के जिन प्रमुख शहरों और मैदानों को इस विश्व कप के लिए चुना गया है, उनमें जोहान्सबर्ग का प्रसिद्ध वांडरर्स स्टेडियम, त्शवाने का सुपरस्पोर्ट पार्क (सेंचुरियन), केप टाउन का ऐतिहासिक न्यूलैंड्स क्रिकेट ग्राउंड और डरबन का चर्चित किंग्समीड क्रिकेट ग्राउंड शामिल हैं। इसके अलावा गेबेरहा का सेंट जॉर्ज पार्क, ब्लोमफ़ोन्टेन का मंगाउंग ओवल, पार्ल का बोलैंड पार्क और बफ़ेलो पार्क भी इस प्रतिष्ठित सूची में अपनी जगह बनाए हुए हैं।
जिम्बाब्वे और नामीबिया के चयनित क्रिकेट स्टेडियम
जिम्बाब्वे की तरफ से हरारे का प्रसिद्ध हरारे स्पोर्ट्स क्लब, बुलावायो का क्वींस स्पोर्ट्स क्लब और विक्टोरिया फॉल्स में स्थित नया ‘फ़ाले मोसी-ओआ-तुन्या इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम’ मेजबानी करेगा। वहीं दूसरी ओर, नामीबिया के राजधानी शहर विंडहोक में स्थित नामीबिया क्रिकेट ग्राउंड इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट के मैचों का आयोजन कराएगा, जिससे अफ्रीकी क्रिकेट में एक नया और स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है।
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