Hormuz Strait Crisis: Trump की अपील के बावजूद होर्मुज में कोई ठोस सैन्य मदद नहीं, तेल की कीमतें बढ़ीं

Trump ने होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसेना तैनात करने के लिए सात देशों से अपील की। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया और जापान ने साफ़ मना कर दिया, दक्षिण कोरिया सोच-विचार कर रहा है। इस बीच तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और क्षेत्र में तनाव बढ़ता जा रहा है।

Trump की अपील के बावजूद होर्मुज में कोई ठोस सैन्य मदद नहीं

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

मार्च 16, 2026

Hormuz Strait Crisis: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सात देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य में युद्धपोत भेजने की अपील की थी। इस अपील का मकसद इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करना था, क्योंकि ईरान के साथ बढ़ते तनाव और संघर्ष के कारण तेल की आपूर्ति बाधित हो रही है। हालांकि, अमेरिकी सहयोगी देश इस मुद्दे पर सतर्क रुख अपनाए हुए हैं या सीधे तौर पर इसे अस्वीकार कर चुके हैं।

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ऑस्ट्रेलिया ने ठुकराई अपील

ऑस्ट्रेलिया ने साफ़ कर दिया है कि वह इस क्षेत्र में नौसेना भेजने में कोई योगदान नहीं देगा। कैबिनेट मंत्री कैथरीन किंग ने मीडिया को बताया कि हालांकि होर्मुज जलडमरूमध्य अहम है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया को इस दिशा में कोई औपचारिक अनुरोध नहीं मिला है। किंग ने कहा, “हम होर्मुज जलडमरूमध्य में कोई जहाज नहीं भेजेंगे। हमें न तो ऐसा करने के लिए कहा गया है और न ही हमने कोई योजना बनाई है।”

जापान का असमंजस

जापान ने भी फिलहाल अपनी नौसेना को मध्य-पूर्व में तैनात करने से इनकार किया है। प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने संसद में स्पष्ट किया कि सरकार ने सुरक्षा के लिए जहाज भेजने का कोई निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि टोक्यो अब भी विकल्पों पर विचार कर रहा है और कानूनी दायरे में रहकर ही कोई कार्रवाई संभव होगी।

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दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन का रुख

दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन का रुख
दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन का रुख

दक्षिण कोरिया ने संकेत दिए हैं कि वह अभी भी वॉशिंगटन के साथ बातचीत कर रहा है। राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि किसी भी कदम पर तभी निर्णय लिया जाएगा जब हालात की सावधानीपूर्वक समीक्षा की जाए। ब्रिटेन ने कूटनीतिक रुख अपनाया है। प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने ट्रंप के साथ बातचीत कर जलमार्ग की सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से सलाह-मशविरा कर साझा प्रतिक्रिया तय करने पर सहमति जताई।

ट्रंप का तर्क और रणनीति

रविवार को एयर फ़ोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने बताया कि उन्होंने उन देशों पर दबाव डाला है जो मध्य-पूर्व के कच्चे तेल पर निर्भर हैं। यह जलमार्ग विश्व तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा संभालता है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की इस जलडमरूमध्य पर निर्भरता कम है, लेकिन अन्य देशों के लिए यह मार्ग बेहद अहम है। उन्होंने विशेष रूप से चीन का ज़िक्र किया और कहा कि बीजिंग अपनी अधिकतर तेल आपूर्ति इसी मार्ग से हासिल करता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि चीन किसी अंतरराष्ट्रीय गठबंधन में शामिल होगा या नहीं।

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