Honeymoon Murder Case: जबलपुर की सोनम रघुवंशी को मिली जमानत, पति की हत्या के आरोप में थी जेल में बंद

जबलपुर की चर्चित 'हनीमून मर्डर केस' की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। पति की हत्या के आरोप में लंबे समय से जेल में बंद सोनम को जमानत मिल गई है। आखिर उस रात कमरे में क्या हुआ था? क्या सोनम वाकई बेगुनाह है या कहानी में कोई गहरा राज है?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 28, 2026

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Honeymoon Murder Case:  मध्य प्रदेश के इंदौर के सबसे सनसनीखेज ‘हनीमून मर्डर केस’ में एक बड़ा कानूनी अपडेट सामने आया है। इस मामले की मुख्य आरोपी और मृतक राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी को अदालत से जमानत मिल गई है। पुलिस सूत्रों ने पुष्टि की है कि कोर्ट ने उसकी जमानत अर्जी स्वीकार कर ली है, हालांकि विस्तृत कानूनी आदेश की प्रति अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। यह मामला पिछले साल तब सुर्खियों में आया था जब हनीमून पर गए एक नवविवाहित जोड़े में से पति की लाश मेघालय की गहरी खाई में मिली थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था और अब आरोपी पत्नी को जमानत मिलने से पीड़ित पक्ष में निराशा है।

हनीमून की आड़ में खौफनाक साजिश: लापता होने से शव मिलने तक का सफर

पुलिस की चार्जशीट और तफ्तीश के मुताबिक, इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी अपनी पत्नी सोनम के साथ 21 मई को हनीमून मनाने के लिए मेघालय की राजधानी शिलांग पहुंचे थे। 26 मई को दोनों घूमने के लिए चेरापूंजी (सोहरा) गए, लेकिन उसी शाम को दोनों के रहस्यमय तरीके से लापता होने की खबर आई। इसके बाद स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ (SDRF), एनडीआरएफ (NDRF) और पर्वतारोही समूहों ने एक विशाल सर्च ऑपरेशन चलाया। करीब एक हफ्ते की कड़ी मशक्कत के बाद, 2 जून को राजा का शव सोहरा के प्रसिद्ध ‘वेई सादोंग फॉल्स’ के पास एक दुर्गम और गहरी खाई से बरामद हुआ। शुरुआती जांच में ही पुलिस को इस मौत के पीछे किसी गहरी साजिश का शक हो गया था।

पांच आरोपियों का जाल: भाड़े के हत्यारों का किया गया इस्तेमाल

मेघालय पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि राजा की मौत कोई हादसा नहीं बल्कि एक सोची-समझी हत्या थी। इस मामले में कुल पांच लोगों को नामजद किया गया है। इनमें राजा की पत्नी सोनम रघुवंशी, उसका कथित प्रेमी राज कुशवाहा और मध्य प्रदेश से बुलाए गए तीन सुपारी किलर—विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि सोनम और राज के बीच अवैध संबंध थे और राजा को रास्ते से हटाने के लिए उन्होंने मेघालय की वादियों को चुना ताकि इसे एक दुर्घटना का रूप दिया जा सके। हालांकि, कोर्ट में इन सभी आरोपियों ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

790 पन्नों की चार्जशीट: कैसे अंजाम दिया गया कत्ल?

सोहरा पुलिस ने इस मामले की बारीकी से जांच की और 5 सितंबर को अदालत में 790 पृष्ठों का विस्तृत आरोप-पत्र दाखिल किया। जांचकर्ताओं ने खुलासा किया कि हत्यारों को विशेष रूप से मध्य प्रदेश से मेघालय बुलाया गया था। 26 मई को जब राजा और सोनम घाटी के पास थे, तब सोनम की मौजूदगी में ही आकाश सिंह राजपूत, विशाल सिंह चौहान और आनंद कुर्मी ने राजा पर हमला किया और उन्हें गहरी खाई में फेंक दिया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स के आधार पर महज एक सप्ताह के भीतर सोनम सहित सभी पांचों आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया था।

कानूनी प्रक्रिया और वर्तमान स्थिति

इस हत्याकांड को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। शिलांग और सोहरा के न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चली लंबी सुनवाई के बाद अब सोनम को जमानत दी गई है। अभियोजन पक्ष का कहना है कि उनके पास आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त वैज्ञानिक और प्रत्यक्ष प्रमाण मौजूद हैं। दूसरी तरफ, बचाव पक्ष का तर्क है कि सोनम को झूठा फंसाया गया है। फिलहाल, जमानत मिलने के बाद सोनम जेल से बाहर आएगी, लेकिन इस मामले का ट्रायल अभी लंबा चलने की उम्मीद है। इंदौर के इस व्यवसायी परिवार के लिए न्याय की लड़ाई अब एक नए मोड़ पर खड़ी है।

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