
Haryana News: हरियाणा के निर्मित उत्पादों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी एक विशिष्ट पहचान और मजबूत पकड़ बना ली है। राज्य के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि की जानकारी देते हुए बताया कि आज हरियाणा में बने उत्पाद दुनिया के 200 से भी अधिक देशों में निर्यात (Export) किए जा रहे हैं। भारत के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सूची में कुल निर्यात के मामले में हरियाणा अब देश भर में छठे स्थान पर आ गया है, जो राज्य की औद्योगिक प्रगति और आर्थिक मजबूती का एक प्रत्यक्ष प्रमाण है।
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वित्त वर्ष 2025-26 में 20.57 अरब डॉलर का रिकॉर्ड निर्यात

मुख्यमंत्री मंगलवार को गुरुग्राम में आयोजित राज्यस्तरीय फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) कार्यशाला को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने राज्य के आर्थिक और निर्यात आंकड़े साझा करते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में प्रदेश से रिकॉर्ड 20.57 अरब अमेरिकी डॉलर का निर्यात दर्ज किया गया है।
यह आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 7.66 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा, देश के कुल राष्ट्रीय निर्यात में अकेले हरियाणा राज्य की हिस्सेदारी 4.66 प्रतिशत दर्ज की गई है।
इस जबरदस्त सफलता को देखते हुए राज्य सरकार ने अब अगले 5 वर्षों में इस कुल निर्यात आंकड़े को दोगुना करने का एक बड़ा और महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के उद्योगपतियों, एमएसएमई (MSME) सेक्टर और किसानों से वैश्विक मांग को समझते हुए नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों की खोज करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि केंद्र सरकार द्वारा दुनिया के अन्य देशों के साथ किए जा रहे मुक्त व्यापार समझौतों से हरियाणा के उद्योगों और नए उद्यमियों के लिए व्यापार के बेहतर अवसर खुल रहे हैं।
वैश्विक बाजार में गुणवत्ता, तकनीक और गुरुग्राम का योगदान

कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से पहुंचे हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए उत्पादन की गुणवत्ता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता, आधुनिक तकनीक का उपयोग और उत्पादन क्षमता में निरंतर सुधार करना बेहद आवश्यक है। इसके साथ ही उन्होंने ‘ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग’ यानी पर्यावरण-अनुकूल विनिर्माण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई।
इसी कार्यशाला में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त व सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने राज्य के निर्यात में विभिन्न क्षेत्रों के योगदान का ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि हरियाणा के कुल निर्यात में अकेले साइबर सिटी गुरुग्राम की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत है। गुरुग्राम से ही सालाना 8.33 अरब डॉलर मूल्य के सामान और सेवाओं का निर्यात किया जाता है, जो प्रदेश की आर्थिक ताकत में रीढ़ की हड्डी का काम कर रहा है।
सरकार के इस नए लक्ष्य और नीतियों से आने वाले समय में राज्य में नए उद्योगों की स्थापना, रोजगार के नए अवसरों का सृजन और विदेशी मुद्रा के आगमन में तेजी आने की पूरी संभावना है।
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