Himachal Weather Alert: हिमाचल प्रदेश में मानसूनी हवाएं एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं, जिसके कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में मूसलाधार बरसात का नया दौर शुरू हो चुका है. आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य के कई संवेदनशील जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. मौसम वैज्ञानिकों ने 6 और 7 जुलाई को लेकर विशेष रूप से ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी करते हुए स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को खराब मौसम के प्रति अत्यधिक सतर्क रहने तथा पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्राओं से बचने की सख्त हिदायत दी है.
6 जुलाई का मौसम पूवार्नुमान
सोमवार, 6 जुलाई को मौसम विभाग ने ऊना, कांगड़ा और सिरमौर जनपदों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ (Orange Alert) जारी किया है. इन क्षेत्रों में मेघगर्जन के साथ मूसलाधार आकाशीय वर्षा होने की प्रबल आशंका है. इसके साथ ही, पड़ोसी जिलों चंबा, मंडी और शिमला में ‘यलो अलर्ट’ प्रभावी रहेगा, जिसका सीधा तात्पर्य यह है कि इन इलाकों में भी मध्यम से भारी मानसूनी बौछारें जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं.
7 जुलाई को मौसम का मिजाज
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 7 जुलाई को भी बादलों का तांडव जारी रहने की उम्मीद है. मंगलवार को कांगड़ा, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ की चेतावनी दी गई है, जहां कुछ स्थानों पर बादल फटने जैसी स्थिति या अत्यंत भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं. इसके अतिरिक्त, चंबा, कुल्लू, मंडी और शिमला जैसे पहाड़ी पर्यटन स्थलों पर ‘यलो अलर्ट’ का सिलसिला लगातार कायम रहेगा.
8 से 11 जुलाई तक पहाड़ी क्षेत्रों का हाल
मौसम वैज्ञानिकों के दीघार्वधि पूवार्नुमान के मुताबिक, 8 से 11 जुलाई के बीच भी समूचे प्रदेश में रुक-रुक कर भारी वर्षा का दौर जारी रहने के आसार हैं. विशेष रूप से चिंता की बात यह है कि किन्नौर और लाहौल-स्पीति जैसे अत्यधिक ऊंचाई वाले जनजातीय क्षेत्रों में इस समयावधि के दौरान तेज बारिश के साथ-साथ असमय बर्फबारी (Snowfall) होने की भी संभावना जताई गई है, जिससे शीत लहर का प्रकोप बढ़ सकता है.
तेज हवाओं का तांडव और सुरक्षा गाइडलाइन
मौसम केंद्र ने सचेत किया है कि आंधी-तूफान के दौरान पहाड़ी इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. इन संभावित प्राकृतिक खतरों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के समीप न जाने, भूस्खलन (Landslide) संभावित संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने और कमजोर पहाड़ी ढलानों पर विशेष सावधानी बरतने का आग्रह किया है. कुल्लू जिला मुख्यालय सहित कई इलाकों में सोमवार सुबह से ही बारिश के कारण सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है, जिससे वाहन चालकों को संभलकर चलने को कहा गया है.
कालका-शीमला रेलखंड पर लैंडस्लाइड
भारी बारिश के चलते कालका-शिमला विश्व धरोहर रेलखंड पर कैथलीघाट के समीप शनिवार दोपहर एक बड़ा भूस्खलन हो गया, जिससे रेल यातायात पूरी तरह ठप हो गया. रेलवे ने त्वरित आपदा प्रबंधन कार्रवाई करते हुए प्रभावित शिवालिक डीलक्स एक्सप्रेस में फंसे सभी 107 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला. उत्तर रेलवे के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक यशनजीत सिंह के मुताबिक, यात्रियों को तीन विशेष बसों के जरिए कालका भेजा गया और उनके लिए भोजन-पानी की व्यवस्था की गई. यही नहीं, यात्रियों की सुविधा के लिए कालका-हावड़ा मेल को 60 मिनट विलंबित कर सभी मुसाफिरों को सुरक्षित रवाना किया गया.










