Himachal House Collapse: सिरमौर में भरभराकर गिरा मकान, हादसे में दो लोगों की मौत

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में एक आवासीय मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो बच्चे गंभीर रूप से घायल बताए गए हैं। घटना के बाद मौके पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया। प्रशासन ने हादसे की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है।

Himachal House Collapse

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 13, 2026

Himachal House Collapse:  हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में बुधवार दोपहर बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसा सामने आया। राजगढ़ उपमंडल क्षेत्र में एक आवासीय मकान अचानक भरभराकर गिर गया। मकान के मलबे में परिवार के चार सदस्य दब गए। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों की मदद से मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन हादसे में दो महिलाओं की जान चली गई।

मलबे में दबे चार लोगों को बाहर निकाला

हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए मलबा हटाने का काम शुरू किया। कुछ ही देर में चारों लोगों को बाहर निकाला गया। इनमें दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल थीं, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। वहीं, दो छोटी बच्चियों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर राहत कार्य और स्थिति का जायजा लिया।

दिदाग क्षेत्र में हुआ दर्दनाक हादसा

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यानी DDMA की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना बुधवार दोपहर राजगढ़ उपमंडल के दिदाग थाना क्षेत्र के पास हुई। मौजा स्थित छिछड़िया गांव निवासी भीम सिंह का आवासीय मकान अचानक ढह गया। घटना की जानकारी दिदाग के ग्राम राजस्व अधिकारी की ओर से प्रशासन को दी गई। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और संबंधित राहत दल सक्रिय हुए और मौके पर बचाव अभियान शुरू किया गया।

60 वर्षीय निर्मला और बेटी पूजा की मौत

मकान गिरने की इस घटना में 60 वर्षीय निर्मला और उनकी 32 वर्षीय बेटी पूजा की मौत हो गई। दोनों मलबे में दब गई थीं और बचाव अभियान के दौरान उन्हें बाहर निकाला गया। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार और आसपास के इलाके में शोक का माहौल बन गया। प्रशासन की ओर से घटना के कारणों और मकान गिरने की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

दो वर्षीय बच्चियां गंभीर रूप से घायल

हादसे में पूजा की दो वर्षीय बेटी हीरा और परिवार की एक अन्य दो वर्षीय बच्ची भी गंभीर रूप से घायल हुई हैं। दोनों बच्चियों को तत्काल राजगढ़ सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। इतनी कम उम्र की बच्चियों के घायल होने से हादसा और भी दुखद हो गया है। चिकित्सकों की निगरानी में दोनों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

मौके पर पहुंचा प्रशासन, स्थिति का लिया जायजा

बचाव अभियान पूरा होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि मलबे में कोई अन्य व्यक्ति फंसा हुआ या लापता तो नहीं है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसे के बाद किसी अन्य व्यक्ति के लापता होने की सूचना नहीं है। प्रशासन की टीम ने आसपास के क्षेत्र में भी स्थिति का जायजा लिया और हादसे से जुड़े तथ्यों को जुटाना शुरू कर दिया।

हिमाचल में मानसून बना मुसीबत

सिरमौर में हुआ यह हादसा ऐसे समय में सामने आया है, जब हिमाचल प्रदेश लगातार मानसूनी बारिश की मार झेल रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन, मकान क्षतिग्रस्त होने, सड़कें बंद होने और अन्य प्राकृतिक घटनाओं की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और कई स्थानों पर लोगों को आवाजाही में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

बारिश से जुड़ी घटनाओं में 70 से ज्यादा मौतें

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 30 जून से 11 अगस्त तक हिमाचल प्रदेश में बारिश से संबंधित अलग-अलग घटनाओं में 70 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। मानसून के दौरान भूस्खलन, बाढ़, बादल फटने और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण जान-माल का नुकसान हुआ है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें लगातार संवेदनशील इलाकों में निगरानी कर रही हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण राहत और बहाली कार्यों में भी चुनौतियां बनी हुई हैं।

प्रदेश में 204 सड़कें अब भी बंद

मानसून के कारण हिमाचल प्रदेश में सड़क संपर्क पर भी बड़ा असर पड़ा है। आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में अभी 204 सड़कें बंद हैं। इनमें दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग NH-154 और NH-21 भी शामिल हैं। सड़कें बंद होने से कई क्षेत्रों में यातायात प्रभावित हुआ है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मलबा आने के कारण सड़कों को खोलने में प्रशासन को अतिरिक्त समय और संसाधनों की जरूरत पड़ रही है।

मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित जिला

मानसून से प्रभावित जिलों में मंडी की स्थिति सबसे गंभीर बताई जा रही है। यहां करीब 80 सड़कें बंद होने की जानकारी सामने आई है। लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण जिले में कई स्थानों पर संपर्क व्यवस्था प्रभावित हुई है। प्रशासन की ओर से बंद सड़कों को जल्द से जल्द बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, मौसम खराब रहने पर राहत और सड़क बहाली के काम में बाधा आने की आशंका बनी हुई है।

सार्वजनिक संपत्तियों को करोड़ों का नुकसान

मानसून के दौरान हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में बारिश से अब तक 910 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति प्रभावित होने की जानकारी है। सड़कों के साथ बिजली व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति और अन्य सरकारी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा कई स्थानों पर निजी संपत्तियां और मकान भी प्राकृतिक आपदाओं की चपेट में आए हैं।

सिरमौर मकान हादसे की प्रशासनिक जांच जारी

सिरमौर में मकान गिरने की घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि मकान अचानक क्यों ढहा और क्या लगातार बारिश का इस घटना से कोई संबंध था। जांच के बाद हादसे के वास्तविक कारणों की जानकारी सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायल बच्चियों का इलाज और प्रभावित परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है।

मानसून के बीच लोगों से सतर्क रहने की अपील

हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश और प्राकृतिक घटनाओं को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। कमजोर मकानों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और नदियों-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। सिरमौर की घटना ने एक बार फिर मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ते जोखिम को सामने ला दिया है। प्रशासन ने लोगों से मौसम की चेतावनियों का पालन करने और खतरे वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है।

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