JPSC Exam Case: CID का बड़ा एक्शन, 7 नए आरोपी बनाए; वारंट के बाद कई राज्यों में रेड

JPSC परीक्षा अनियमितता मामले में झारखंड CID की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। रिपोर्टों के मुताबिक जांच का दायरा बढ़ाते हुए नए आरोपियों को मामले में शामिल किया गया है और अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पूर्व JPSC अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद जांच ने नया मोड़ ले लिया है।

JPSC Exam Case

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 13, 2026

JPSC Exam Case:  झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी ने कार्रवाई तेज कर दी है। जांच एजेंसी ने मामले में सात और लोगों को आरोपी बनाया है। इन सभी के खिलाफ विशेष अदालत से वारंट प्राप्त करने के बाद सीआईडी की टीमों ने संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। इस मामले में एजेंसी अब तक 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। नए आरोपियों के सामने आने से परीक्षा में कथित गड़बड़ी का मामला और गंभीर हो गया है।

पहले से गिरफ्तार 20 आरोपियों से आगे बढ़ी जांच

सीआईडी की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कथित परीक्षा गड़बड़ी से जुड़े नए नाम सामने आ रहे हैं। एजेंसी के मुताबिक, पहले ही 20 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब सात नए लोगों को आरोपी बनाए जाने के बाद जांच का दायरा और विस्तृत हो गया है। सीआईडी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित अनियमितताओं में किसकी क्या भूमिका थी और परीक्षा से जुड़ी गतिविधियों में अलग-अलग लोगों के बीच किस तरह का संपर्क था।

सात नए आरोपियों में कई नाम शामिल

जांच एजेंसी के अनुसार, नए आरोपियों में TDPL के एक अन्य निदेशक सत्यपाल सिंह का नाम शामिल है। इसके अलावा अभय तिवारी के कथित सिंडिकेट के लिए एजेंट के तौर पर काम करने वाले बीएसएल कर्मचारी सानंद प्रकाश को भी आरोपी बनाया गया है। रांची के एक कोचिंग संस्थान में अंग्रेजी पढ़ाने वाले शिक्षक रविशंकर कुमार और सरकारी शिक्षक संतोष सिंह भी सीआईडी की कार्रवाई के दायरे में आए हैं। इनके अलावा तीन अन्य लोगों को भी मामले में आरोपी बनाया गया है।

पूछताछ के लिए भेजे गए थे समन

सीआईडी के मुताबिक, जांच के दौरान इन सभी आरोपियों को पूछताछ के लिए समन जारी किए गए थे। एजेंसी ने उनसे मामले से जुड़े तथ्यों और उनकी कथित भूमिका के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए उपस्थित होने को कहा था। हालांकि, जांच एजेंसी का दावा है कि समन जारी होने के बावजूद आरोपी पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद सीआईडी ने मामले को विशेष अदालत के सामने रखा और आरोपियों के खिलाफ वारंट हासिल किया।

वारंट के बाद कई जिलों में छापेमारी

विशेष अदालत से वारंट मिलने के बाद सीआईडी ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी। जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने रांची, बोकारो और पलामू में संभावित ठिकानों पर छापेमारी की। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में भी कुछ संभावित स्थानों पर जांच टीमों के पहुंचने की जानकारी सामने आई है। सीआईडी अब आरोपियों की तलाश के साथ-साथ मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों को भी जुटाने में लगी है।

छात्रों का आंदोलन भी लगातार जारी

दूसरी तरफ, JPSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन भी जारी है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में बड़ी संख्या में छात्र लगातार धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, वे करीब 20 दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे धरना स्थल से हटने वाले नहीं हैं।

भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग

आंदोलन कर रहे छात्रों की मुख्य चिंता भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर है। उनका कहना है कि सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं में किसी भी तरह की अनियमितता सीधे तौर पर युवाओं के भविष्य को प्रभावित करती है। इसी वजह से प्रदर्शनकारी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। छात्रों का आंदोलन अब राज्य में एक प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन चुका है।

देवेंद्र महतो की भूख हड़ताल जारी

भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ चल रहे आंदोलन में JLKM नेता देवेंद्र महतो भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वह पिछले 11 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। लगातार अनशन के कारण उनकी तबीयत प्रभावित हुई, जिसके बाद उन्हें रांची के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में इलाज के बावजूद महतो ने आंदोलन से दूरी बनाने के बजाय प्रदर्शनकारियों के बीच वापस लौटने की इच्छा जताई है।

सिविल सर्जन को पत्र लिखकर मांगी अनुमति

बुधवार रात देवेंद्र महतो ने रांची के सिविल सर्जन को पत्र भेजा। इसमें उन्होंने प्रदर्शन स्थल पर वापस जाने की अनुमति मांगी है। महतो ने इच्छा जताई कि वह अस्पताल से निकलकर दोबारा आंदोलन कर रहे छात्रों के बीच पहुंचना चाहते हैं। उनका कहना है कि वह आंदोलन से जुड़े लोगों के साथ रहकर उनकी मांगों को आगे बढ़ाना चाहते हैं। हालांकि, उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए अनुमति और चिकित्सकीय सलाह महत्वपूर्ण होगी।

CID की कार्रवाई से बढ़ी हलचल

JPSC 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर एक तरफ सीआईडी लगातार जांच आगे बढ़ा रही है, वहीं दूसरी तरफ छात्र आंदोलन भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। सात नए लोगों को आरोपी बनाए जाने और उनके खिलाफ वारंट जारी होने के बाद मामले में जांच की गति बढ़ी है। आने वाले दिनों में सीआईडी की कार्रवाई और छात्रों के आंदोलन पर सभी की नजर रहेगी। जांच एजेंसी की कार्रवाई से यह उम्मीद भी बढ़ी है कि कथित अनियमितताओं से जुड़े पूरे नेटवर्क और जिम्मेदार लोगों की भूमिका सामने आ सकती है।

Read more  : Ladakh Earthquake : लद्दाख के लेह में सुबह-सुबह भूकंप के तेज झटके, 5.5 रही तीव्रता