रेलवे सुरक्षा में हाईटेक कदम: स्टेशन पर निगरानी करेगा रोबोट ‘ASC अर्जुन’

नई दिल्ली भारतीय रेलवे में अपनी तरह की पहली पहल के तहत विशाखापत्तनम रेलवे स्टेशन पर एक मानवरूपी रोबोट ‘ASC अर्जुन’ को पेश किया है। पूर्वी तट रेलवे (ECR) जोन के वाल्टेयर मंडल ने यात्रियों की सुरक्षा, संरक्षा और सेवा वितरण को बेहतर बनाने के लिए यह कदम उठाया है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के तहत में रोबोट को तैनात किया गया है, जो इसके आधुनिकीकरण और डिजिटल परिवर्तन अभियान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य सुरक्षा संचालन को मजबूत करना और यात्रियों की सहायता में सुधार करना है।   आरपीएफ के महानिरीक्षक (IG) आलोक बोहरा ने इस पहल की जानकारी

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Published On :

जनवरी 26, 2026

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नई दिल्ली
भारतीय रेलवे में अपनी तरह की पहली पहल के तहत विशाखापत्तनम रेलवे स्टेशन पर एक मानवरूपी रोबोट ‘ASC अर्जुन’ को पेश किया है। पूर्वी तट रेलवे (ECR) जोन के वाल्टेयर मंडल ने यात्रियों की सुरक्षा, संरक्षा और सेवा वितरण को बेहतर बनाने के लिए यह कदम उठाया है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के तहत में रोबोट को तैनात किया गया है, जो इसके आधुनिकीकरण और डिजिटल परिवर्तन अभियान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य सुरक्षा संचालन को मजबूत करना और यात्रियों की सहायता में सुधार करना है।
 
आरपीएफ के महानिरीक्षक (IG) आलोक बोहरा ने इस पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया, 'पूर्व तट रेलवे जोन के वाल्टेयर डिवीजन ने यात्रियों की सुरक्षा, संरक्षा और सेवा को मजबूत करने के लिए विशाखापत्तनम रेलवे स्टेशन पर ‘एएससी अर्जुन’ नामक एक मानवरूपी रोबोट तैनात किया है।' मंडल रेलवे प्रबंधक (DRM) ललित बोहरा ने कहा कि रोबोट उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IOT) कनेक्टिविटी और वास्तविक समय की निगरानी क्षमताओं से लैस है, जिससे यह आरपीएफ कर्मियों और यात्रियों दोनों के लिए एक स्मार्ट सहायक के रूप में कार्य कर सकता है।

रोबोट किस तरह से सुरक्षा में करेगा सहयोग
विज्ञप्ति में कहा गया कि एएससी अर्जुन को सुरक्षा निगरानी, ​​भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता निगरानी और सुरक्षा जागरूकता में सहयोग करेगा। साथ ही, इसे मानव संसाधन के बोझ को कम करने और प्रतिक्रिया समय में सुधार करने के लिए डिजाइन किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि मानवरूपी रोबोट को स्वदेशी नवाचार के माध्यम से पूरी तरह से विशाखापत्तनम में डिजाइन और विकसित किया गया है। इसके लिए आरपीएफ टीम ने सीनियर रेलवे और सुरक्षा अधिकारियों के मार्गदर्शन में एक वर्ष से अधिक समय तक काम किया है।

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