UP Weather: जलभराव ने बिगाड़ा शहर का हाल? मुरादाबाद में मूसलाधार बारिश के बाद सड़कों पर भरा पानी, देखिए ताजा हाल

जिले में सुबह से जारी झमाझम बारिश से उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मौसम विशेषज्ञों ने अगले दो दिनों तक तेज वर्षा की संभावना जताई है। वहीं, यह बारिश धान और अन्य खरीफ फसलों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही है।

UP Weather

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 28, 2026

UP Weather: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और आसपास के जिलों में आज सुबह से ही झमाझम और तेज बारिश का दौर लगातार जारी है। सुबह से ही आसमान में काले घने बादल छाए रहे, ठंडी हवाएं चलती रहीं और बादलों की तेज गर्जना के साथ लगातार वर्षा होती रही। पिछले कई दिनों से चिपचिपी और उमस भरी गर्मी से परेशान आम जनजीवन को इस मूसलाधार बारिश से बड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग और मौसम विशेषज्ञों के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले अगले दो दिनों तक शहर और अंचल में तेज वर्षा का दौर यूं ही जारी रहने की पूरी संभावना है, जिससे तापमान में और अधिक गिरावट दर्ज की जा सकती है।

रामगंगा विहार और कटघर समेत शहर के कई इलाकों में भरा पानी

हालांकि इस झमाझम बारिश ने एक तरफ मौसम को सुहाना बना दिया है, तो वहीं दूसरी तरफ नगर निगम की पोल खोलते हुए शहर के कई प्रमुख इलाकों में भारी जलभराव की समस्या पैदा कर दी है। लगातार हो रही वर्षा के कारण रामगंगा विहार, स्टेडियम रोड, ऐतिहासिक अकबर किले के सामने, सम्राट अशोक नगर, विकास नगर, सूर्य नगर और कटघर समेत दर्जनों स्थानों पर सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे रोजमर्रा आने-जाने वाले लोगों और स्कूली बच्चों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर जलभराव के बीच गाड़ियां बंद होने से जाम जैसी स्थिति भी बन गई। इस बीच, मौसम में आए बदलाव से आज जिले का न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 24 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है।

धान की रोपाई और खरीफ फसलों के लिए वरदान साबित हो रही यह बारिश

मौसम की यह झमाझम बारिश भले ही शहरी इलाकों में जलभराव का कारण बनी हो, लेकिन कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, धान की रोपाई के इस नाजुक दौर में यह बारिश सबसे अधिक लाभकारी साबित हो रही है। इससे खेतों में प्राकृतिक रूप से पर्याप्त नमी बनी रहेगी और नलकूपों से सिंचाई करने की आवश्यकता काफी हद तक कम हो जाएगी। इसके अलावा धान के साथ-साथ मक्का, गन्ना, बाजरा, ज्वार, उड़द, मूंग, सोयाबीन, तिल और अरहर जैसी तमाम महत्वपूर्ण खरीफ फसलों को भी इसका जबरदस्त फायदा मिलेगा। पर्याप्त नमी मिलने से पौधों की वानस्पतिक बढ़वार बेहतरीन होगी और किसानों की सिंचाई लागत घटने से उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी।

सोमवार को भी हुई थी 20.1 मिलीमीटर झमाझम बारिश

गौरतलब है कि केवल आज ही नहीं, बल्कि इससे ठीक पहले सोमवार को भी दोपहर के वक्त शहर में 20.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे शुरू हुई यह बारिश शाम छह बजे तक रुक-रुक कर लगातार बरसती रही थी। इस झमाझम बारिश ने जहाँ एक तरफ लोगों को उमस और चिपचिपी गर्मी से राहत दिलाई थी, वहीं दूसरी तरफ स्कूलों की छुट्टी के ठीक समय पर बारिश शुरू होने के कारण छोटे-छोटे बच्चों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। बच्चे बारिश में पूरी तरह भीगते हुए अपने घर लौटे थे और कई छात्र-छात्राओं के स्कूल बैग व किताबें भी पानी में भीग गई थीं। हालांकि, लंबे समय से गर्मी और पसीने से बेहाल तमाम लोग बारिश की इन फुहारों का आनंद लेते हुए भी नजर आए थे।