मौसम की मार से बिगड़ रही सेहत, इंदौर के अस्पतालों में रोज पहुंच रहे सैकड़ों मरीज

इंदौर मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। दिन में तेज धूप और गर्मी बढ़ी जबकि रात में ठंडक के कारण शरीर का संतुलन बिगड़ रहा है। इसका सीधा असर वायरल फीवर के रूप में सामने आ रहा है। एमवाय अस्पताल में ही एक दिन में करीब एक हजार मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। शहर के शासकीय और निजी अस्पतालों में बुखार, सर्दी-खांसी, गले में खराश और बदन दर्द की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि

Wrriten By :

Editor

Published On :

फ़रवरी 15, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

इंदौर
मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। दिन में तेज धूप और गर्मी बढ़ी जबकि रात में ठंडक के कारण शरीर का संतुलन बिगड़ रहा है। इसका सीधा असर वायरल फीवर के रूप में सामने आ रहा है। एमवाय अस्पताल में ही एक दिन में करीब एक हजार मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।

शहर के शासकीय और निजी अस्पतालों में बुखार, सर्दी-खांसी, गले में खराश और बदन दर्द की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि इस समय मौसम का उतार-चढ़ाव संक्रमण के लिए अनुकूल माहौल बना रहा है। दिन में पसीना और रात में ठंडी हवा चलने से लोग जल्दी बीमार पड़ रहे हैं। खासतौर पर वे लोग ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, जो देर रात तक बाहर रहते हैं या ठंड-गर्मी के बीच लापरवाही बरतते हैं।
 
शादियों का सीजन भी बढ़ा रहा खतरा
इन दिनों शादी समारोह का सीजन चल रहा है। देर रात तक कार्यक्रमों में शामिल होना, ठंडी चीजें खाना, नींद पूरी न होना और भीड़भाड़ में समय बिताने से भी वायरल संक्रमण फैलने की बड़ी वजह सामने आई है। डाक्टरों के अनुसार कई लोग हल्का बुखार या सर्दी होने के बाद भी इसे नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो रही है। संक्रमण परिवार के अन्य लोगों तक भी फैल रहा है।

गंभीर बीमारियों वाले मरीजों के लिए ज्यादा जोखिम
शुगर, बीपी, कैंसर, ह्दय रोग, लिवर, अस्थमा, गर्भवती महिलाओं और किडनी से संबंधित बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए यह मौसम ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है। वायरल फीवर होने पर इन बीमारियों से पीड़ित मरीजों की रिकवरी धीमी हो जाती है। कई बार उनकी स्थिति बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती तक कराना पड़ रहा है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण संक्रमण का असर ज्यादा समय तक बना रहता है।

बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा असर
डॉक्टरों के अनुसार छोटे बच्चों और बुजुर्गों में भी वायरल फीवर के मामले बढ़ रहे हैं। तापमान में अचानक बदलाव से उनकी इम्युनिटी जल्दी प्रभावित होती है, जिससे बुखार और खांसी लंबे समय तक बनी रहती है। ऐसे में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

बचाव ही सबसे बड़ा इलाज
इस मौसम में हल्के गर्म कपड़े साथ रखना, ठंडी चीजों से परहेज करना और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतना जरूरी है। संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, फल-सब्जियां और भरपूर नींद शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं।

Leave a Comment

2