Health Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को संसद में अपना लगातार नौवां बजट पेश किया। यह ऐतिहासिक अवसर इसलिए भी खास रहा क्योंकि यह केवल दूसरी बार है जब बजट रविवार को पेश किया गया। इस बार सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया है। बजट 2026 में कई ऐसी घोषणाएं की गईं जो भारत को वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य और फार्मा सेक्टर में नई पहचान दिलाने की दिशा में अहम साबित होंगी।
Education Budget 2026: शिक्षा और रोजगार को जोड़ने की तैयारी, बजट में कई नई घोषणाएं
भारत बनेगा बायोफार्मा हब

स्वास्थ्य क्षेत्र की सबसे बड़ी घोषणा ‘बायोफार्मा शक्ति पहल’ रही। सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए इस पहल को ₹10,000 करोड़ के आवंटन का समर्थन दिया है। इसका उद्देश्य बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर के लिए एक मजबूत घरेलू इकोसिस्टम तैयार करना है। इससे आयात पर निर्भरता कम होगी और भारत को दवाओं का वैश्विक सप्लायर बनाने की दिशा में कदम बढ़ेगा।
मधुमेह और कैंसर के लिए सस्ती दवाएं
बायोफार्मा शक्ति पहल का सीधा लाभ मधुमेह और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के मरीजों को मिलेगा। सरकार का लक्ष्य घरेलू स्तर पर बायोलॉजिक दवाओं का उत्पादन बढ़ाना है ताकि विनिर्माण लागत कम हो सके। इससे मरीजों को कम कीमत पर दवाएं उपलब्ध होंगी और सार्वजनिक स्वास्थ्य खर्च पर भी दबाव घटेगा।
इसके साथ ही बजट में तीन नए राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल शिक्षा और अनुसंधान संस्थानों की स्थापना का प्रस्ताव है। सात मौजूदा संस्थानों को भी अपग्रेड किया जाएगा ताकि एडवांस्ड फार्मास्युटिकल शिक्षा, रिसर्च और नवाचार को बढ़ावा मिल सके।
क्लिनिकल ट्रायल साइट्स का नेटवर्क
बजट में पूरे भारत में 1000 मान्यता प्राप्त क्लिनिकल ट्रायल साइट्स का नेटवर्क बनाने की घोषणा की गई है। इससे दवा परीक्षण और क्लीनिकल रिसर्च को मजबूती मिलेगी। नई थेरेपी और दवाओं के अनुमोदन की प्रक्रिया तेज होगी। इसके अलावा जिला अस्पतालों को भी अपडेट किया जाएगा। वहां इमरजेंसी वार्ड बढ़ाए जाएंगे ताकि आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
क्षेत्रीय मेडिकल हब और नए AIIMS

सरकार ने पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाने की घोषणा की है। इन हब्स में मेडिकल ट्रेनिंग, रिसर्च और उपचार की सुविधाएं एक साथ उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही देश में तीन नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) स्थापित किए जाएंगे। मानसिक स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को मजबूत किया जाएगा ताकि इस क्षेत्र में बेहतर उपचार और रिसर्च हो सके।
आयुर्वेद और एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स
बजट में पारंपरिक चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद को भी बढ़ावा दिया गया है। सरकार ने देश में तीन नए आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने की घोषणा की है। इसके अलावा एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स के लिए मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा और नए एएचपीआई संस्थान भी स्थापित किए जाएंगे।









