Haryana Weather: देवभूमि हरियाणा और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में मानसून की सक्रियता एक बार फिर कमजोर पड़ती नजर आ रही है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय हुआ मानसून अचानक सुस्त पड़ गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान हरियाणा के लगभग 12 जिलों में केवल हल्की बूंदाबांदी और छिटपुट बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग और मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, राज्य में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर थम सी गई हैं और आगामी 11 अगस्त तक मानसून पर ब्रेक लगे रहने के पूरे आसार हैं, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
पिछले 24 घंटों में किन जिलों में हुई बारिश?
मौसम विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान हरियाणा के कई प्रमुख जिलों में बादलों ने दस्तक तो दी, लेकिन बरसने में कंजूसी बरती। जिन 12 जिलों और क्षेत्रों में हल्की बारिश रिकॉर्ड की गई, उनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
हिसार और हांसी
करनाल और अंबाला
रोहतक और गुरुग्राम
भिवानी और सिरसा
कैथल और पलवल
यमुनानगर और सोनीपत
इन सभी स्थानों पर अधिकांश जगहों पर केवल छिटपुट और हल्की फुहारें ही पड़ीं, जिससे तापमान में कोई खास गिरावट दर्ज नहीं की गई और उमस बरकरार रही।
मानसून में अचानक ब्रेक आने की क्या है वजह?
इस बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए जाने-माने मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान में हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के ऊपर मानसून ट्रफ (Monsoon Trough यानी मानसूनी रेखा) की स्थिति लगातार बदल रही है और यह अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर या दक्षिण की ओर खिसक रही है।
इसके साथ ही, वायुमंडल में बना चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) भी फिलहाल कमजोर पड़ गया है। इन दोनों महत्वपूर्ण मौसमी कारणों के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में ‘मानसून ब्रेक’ (Monsoon Break) जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। यही वजह है कि फिलहाल बादलों की आवाजाही के बावजूद केवल हल्की और छिटपुट बारिश ही हो रही है, और पूरे राज्य में व्यापक तथा तेज मूसलाधार बारिश की संभावना फिलहाल टल गई है।
आगामी दिनों में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कुछ चुनिंदा हिस्सों में बादलों की लुकाछिपी के बीच रुक-रुककर केवल हल्की बूंदाबांदी या फुहारें पड़ने की ही उम्मीद है।
11 अगस्त तक सुस्ती: मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आगामी 11 अगस्त तक पूरे हरियाणा में मानसूनी गतिविधियां कमजोर ही बनी रहेंगी।
उमस और गर्मी से परेशानी: झमाझम बारिश न होने के कारण लोगों को दिन के समय तेज धूप और उमस भरी चिलचिलाती गर्मी का अहसास होगा।
किसानों और आम जनमानस को अब अच्छी और झमाझम बारिश के लिए 11 अगस्त के बाद का इंतजार करना पड़ सकता है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जैसे ही मानसूनी ट्रफ दोबारा अपनी सक्रिय स्थिति में लौटेगी, प्रदेश में एक बार फिर से बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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