Haryana Strike : दमकलकर्मियों के साथ उतरे सफाई कर्मचारी, 26 अप्रैल तक बढ़ी हड़ताल

24-25 अप्रैल को कर्मचारियों द्वारा ‘उल्टा झाड़ू’ प्रदर्शन किया जाएगा, जबकि 1 मई से करीब 40 हजार सफाई कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने की चेतावनी दी गई है, जिससे आंदोलन और तेज होने की संभावना है।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अप्रैल 23, 2026

Haryana Strike : हरियाणा, भारत में अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों द्वारा शुरू की गई हड़ताल अब एक बड़े जनआंदोलन का रूप लेती जा रही है। 8 अप्रैल से जारी इस विरोध प्रदर्शन को अब 26 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया है। इस बीच आंदोलन को और मजबूती तब मिली जब नगरपालिका के सफाई कर्मचारियों ने भी इसका समर्थन कर दिया। इससे राज्य सरकार पर दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है।

यह आंदोलन हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के नेतृत्व में चल रहा है। यूनियन ने घोषणा की है कि 25 अप्रैल तक राज्य के सभी विधायकों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे, ताकि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लिया जा सके।

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मांगों को लेकर अड़े कर्मचारी, भूख हड़ताल की तैयारी

यूनियन नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और लिखित आदेश नहीं मिलते, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। इसी कड़ी में 27 अप्रैल से प्रदेश के सभी 103 फायर स्टेशनों पर क्रमिक भूख हड़ताल शुरू करने का फैसला लिया गया है।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में फरीदाबाद अग्निकांड में जान गंवाने वाले भवीचंद शर्मा और रणबीर सिंह को शहीद का दर्जा देना शामिल है। इसके साथ ही उनके परिवारों को सरकारी नौकरी और एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की भी मांग की जा रही है। इसके अलावा कर्मचारियों की सेवा शर्तों में सुधार, सुविधाओं में बढ़ोतरी और कार्य परिस्थितियों को बेहतर बनाने जैसे मुद्दे भी आंदोलन के केंद्र में हैं।

सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र सिंद ने सरकार पर आरोप लगाया है कि हड़ताल को कमजोर करने के लिए अनट्रेंड रोडवेज चालकों और होमगार्ड कर्मियों से फायर सेवाएं चलवाई जा रही हैं। उन्होंने इसे आम जनता की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है। इस आंदोलन को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा और नगरपालिका कर्मचारी संघ का भी समर्थन मिल गया है, जिससे इसकी ताकत और बढ़ गई है।

आंदोलन होगा और तेज

कर्मचारी संगठनों ने आगामी दिनों में आंदोलन को और तेज करने की रणनीति बनाई है। 24 और 25 अप्रैल को प्रदेश के विभिन्न जिलों में मुख्य सड़कों पर ‘उल्टा झाड़ू’ प्रदर्शन किया जाएगा, जो सरकार के खिलाफ विरोध का प्रतीक होगा। इसके बाद 27 और 28 अप्रैल को क्रमिक भूख हड़ताल आयोजित की जाएगी। सबसे बड़ा असर 1 मई से देखने को मिल सकता है, जब लगभग 40 हजार सफाई कर्मचारी पूर्ण हड़ताल में शामिल होने की चेतावनी दे चुके हैं। अगर ऐसा होता है, तो शहरों की सफाई व्यवस्था और अन्य नागरिक सेवाओं पर सीधा असर पड़ सकता है।

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