Haryana News: राशन कार्ड धारकों के लिए खुशखबरी, शुरू हुई 5G पीओएस मशीनें

हरियाणा में राशन कार्ड धारकों के लिए सरकार ने बड़ा डिजिटल कदम उठाया है। अब 5G POS मशीनों के जरिए राशन वितरण प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनेगी। नई तकनीक से फर्जीवाड़ा कम होगा और लोगों को मिनटों में राशन मिलेगा। आखिर क्या हैं इसके बड़े फायदे, जानिए पूरी खबर विस्तार से यहां।

राशन कार्ड धारकों के लिए खुशखबरी

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

मई 13, 2026

Haryana News: प्रदेश की सरकारी राशन वितरण व्यवस्था में अब बड़ा तकनीकी बदलाव देखने को मिलेगा। करीब 10 वर्षों तक इस्तेमाल होने वाली पुरानी 2जी मशीनों का दौर अब समाप्त हो गया है और उनकी जगह नई 5जी प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनें लगाई जा रही हैं। सरकार का उद्देश्य राशन वितरण प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और अधिक सुविधाजनक बनाना है ताकि लाभार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

नई तकनीक के जरिए अब राशन कार्ड धारकों को पहले से बेहतर सेवाएं मिलेंगी। इस बदलाव को सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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पहले चरण में चार जिलों में शुरू हुई सुविधा

सरकार ने फिलहाल पहले चरण में चार जिलों में 5जी मशीनों के माध्यम से राशन वितरण शुरू कर दिया है। इन जिलों में नई मशीनों का संचालन सफलतापूर्वक किया जा रहा है। वहीं खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने लक्ष्य तय किया है कि 31 मई तक प्रदेश के सभी जिलों में 5जी मशीनों की सुविधा शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद राज्य के सभी राशन डिपो पर पुरानी 2जी मशीनों को हटाकर नई तकनीक वाली मशीनें स्थापित कर दी जाएंगी। इससे लाभार्थियों को राशन प्राप्त करने में पहले की तुलना में काफी आसानी होगी।

फेस रीडिंग और ई-तौल जैसी आधुनिक सुविधाएं

नई 5जी पीओएस मशीनों में दो विशेष सुविधाएं दी गई हैं, जिनमें फेस रीडिंग और ई-तौल प्रमुख हैं। फेस रीडिंग तकनीक के माध्यम से लाभार्थियों की पहचान आसानी से हो सकेगी, जिससे फर्जीवाड़े और गड़बड़ी पर रोक लगेगी। वहीं ई-तौल सुविधा से राशन की सही मात्रा सुनिश्चित की जाएगी। इससे उपभोक्ताओं को पूरा राशन मिलेगा और किसी प्रकार की कटौती या गड़बड़ी की संभावना कम होगी। इन आधुनिक सुविधाओं के कारण राशन वितरण प्रणाली पहले से अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बन जाएगी।

सरकार ने जारी किया 100 करोड़ रुपये का टेंडर

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। प्रदेश में करीब 9300 राशन डिपो पर नई मशीनें लगाई जाएंगी। विभाग का मानना है कि तकनीकी सुधार से सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा। साथ ही राशन डिपो संचालकों और उपभोक्ताओं दोनों को सुविधा मिलेगी।

पुरानी मशीनों के कारण होती थी परेशानी

प्रदेश में लंबे समय से उपयोग में लाई जा रही 2जी बायोमीट्रिक मशीनें अब पुरानी और खराब हो चुकी थीं। कई बार इनके सर्वर बंद हो जाते थे, जिससे राशन वितरण कार्य प्रभावित होता था। इसके कारण हर महीने लगभग 1.59 करोड़ लाभार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। लोगों को राशन लेने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता था और कई बार मशीनें काम नहीं करने के कारण राशन वितरण में देरी भी होती थी। नई 5जी मशीनों के आने से इन समस्याओं से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।

राशन वितरण पर पड़ा असर

राशन वितरण पर पड़ा असर
राशन वितरण पर पड़ा असर

ऑल राशन डिपो होल्डर वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के मीडिया प्रभारी गुरतेज सिंह सोढ़ी के अनुसार, नई 5जी मशीनों को अपडेट करने और पुरानी 2जी मशीनों के बंद होने के कारण कुछ समय के लिए राशन वितरण प्रणाली प्रभावित हुई है। मई महीने के आंकड़ों के अनुसार, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत प्रदेश के कुल 39 लाख 92 हजार 202 राशन कार्डों में से अब तक 5 लाख 15 हजार 13 कार्डधारकों को राशन वितरित किया जा चुका है। यानी अभी तक लगभग 12.90 प्रतिशत राशन वितरण ही पूरा हो पाया है।

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लाभार्थियों को मिलेगी बेहतर सुविधा

नई तकनीक के लागू होने से आने वाले समय में राशन वितरण व्यवस्था अधिक सरल और पारदर्शी होने की उम्मीद है। इससे न केवल उपभोक्ताओं का समय बचेगा बल्कि उन्हें सही मात्रा में राशन भी आसानी से मिल सकेगा। सरकार की यह पहल डिजिटल इंडिया और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक अहम कदम मानी जा रही है।