Haryana Politics: हरियाणा की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला ने कांग्रेस के पांच विधायकों के निलंबन और अनाज मंडियों की बदहाली को लेकर भूपेंद्र सिंह हुड्डा और भाजपा सरकार दोनों को आड़े हाथों लिया है। वीरवार रात अंबाला शहर की अनाज मंडी का दौरा करने पहुंचे चौटाला ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस और भाजपा के बीच ‘भीतरी मिलीभगत’ चल रही है।
कांग्रेस विधायकों का निलंबन
कांग्रेस के पांच विधायकों को निलंबित किए जाने के मामले पर अभय चौटाला ने बेहद तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई अधूरी और पक्षपाती है। चौटाला का तर्क है कि जिन विधायकों ने भाजपा के पक्ष में वोटिंग की या जिनकी वोट रद्द हुई, उनकी कुल संख्या नौ थी। ऐसे में केवल पांच पर गाज क्यों गिरी और बाकी चार को क्यों बचाया गया?
अभय चौटाला ने सीधे तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि असली निलंबन तो हुड्डा का होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि हुड्डा ने ही इन लोगों को टिकट दी थी और राज्यसभा चुनाव में उनके वोट ‘बेचे’ गए।
समय पर चुप्पी क्यों? चौटाला ने सवाल उठाया कि जब वोटिंग दोपहर तीन बजे ही संपन्न हो गई थी, तो हुड्डा ने उसी समय अपनी चुप्पी क्यों नहीं तोड़ी? इस जानकारी को छिपाकर रखना उनकी मिलीभगत की ओर इशारा करता है।
मंडियों की बदहाली: “किसानों को कमजोर करने की साजिश”
अंबाला मंडी में व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद चौटाला ने कहा कि चारों तरफ अव्यवस्थाओं का अंबार है। उन्होंने मौजूदा हालात को किसान विरोधी करार दिया। चौटाला ने याद दिलाया कि मंडियों में किसानों को मिलने वाली अधिकांश सुविधाएं पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की देन थीं, जिन्हें वर्तमान सरकार धीरे-धीरे खत्म करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां ऐसी हैं जिससे किसान परेशान हो और धीरे-धीरे मंडी व्यवस्था ही खत्म हो जाए।
अभय चौटाला ने दावा किया कि इनेलो के कार्यकर्ताओं द्वारा हर मंडी में दफ्तर खोलने और सड़क पर उतरने की चेतावनी के कारण ही सरकार आज गेहूं की खरीद करने पर मजबूर हुई है।
भाजपा पर निशाना
भाजपा सरकार द्वारा हाल ही में कुछ कर्मचारियों को सस्पेंड किए जाने पर उन्होंने कहा कि यह सरकार की संकीर्ण मानसिकता का प्रतीक है। चौटाला ने कहा कि मंडियों में गेट पास के नाम पर किसानों को रोका जा रहा था। उन्होंने मौके पर मौजूद रहकर ट्रॉलियों को मंडी के अंदर प्रवेश कराया और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने तंज कसा कि भाजपा अपनी छोटी हरकतों से अपना नाम बड़ा करने की कोशिश करती है, जबकि जमीनी हकीकत में किसान और कर्मचारी दोनों ही त्रस्त हैं।
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