
Haryana Politics: हरियाणा में रेवाड़ी और धारूहेड़ा नगर निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दोनों सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नामों को अंतिम रूप दे दिया है। पार्टी ने केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के प्रभाव और स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन किया है।
रेवाड़ी नगर परिषद से पूर्व चेयरमैन विनिता पीपल को टिकट दिया गया है, जबकि धारूहेड़ा नगर पालिका से निवर्तमान उपप्रधान अजय जांगड़ा को भाजपा का उम्मीदवार घोषित किया गया है। इस फैसले के बाद दोनों क्षेत्रों में मुकाबला और भी रोचक हो गया है।
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रेवाड़ी सीट पर सीधा मुकाबला
रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव में भाजपा की उम्मीदवार विनिता पीपल का सीधा मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी निहारिका से होगा। दोनों ही उम्मीदवारों के बीच कड़ा चुनावी संघर्ष देखने को मिलेगा।पार्टी के भीतर टिकट को लेकर काफी मंथन और खींचतान भी देखने को मिली थी। अंतिम चरण तक डॉ. हर्षा निंबल और उषा कांटीवाल जैसे नाम संगठन स्तर पर चर्चा में रहे, लेकिन अंततः विनिता पीपल के नाम पर सहमति बनी।
धारूहेड़ा में भी कांटे की टक्कर
धारूहेड़ा नगर पालिका चुनाव में भाजपा ने अजय जांगड़ा को उम्मीदवार बनाया है। उनका मुकाबला कांग्रेस की कुमारी राज से होगा। अजय जांगड़ा पहले नगर पालिका उपप्रधान रह चुके हैं और स्थानीय स्तर पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। यही वजह है कि पार्टी ने उन्हें मैदान में उतारने का फैसला किया।
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खेमे की पसंद को मिली प्राथमिकता
दोनों उम्मीदवारों का संबंध केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के खेमे से जुड़ा हुआ माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार टिकट वितरण में उनके प्रभाव को भी अहम माना गया है।विनिता पीपल पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुई थीं और 2016 में वे भाजपा के समर्थन से नगर परिषद चेयरमैन भी रह चुकी हैं।
अनुभव और पारिवारिक पृष्ठभूमि मजबूत
विनिता पीपल का राजनीतिक सफर काफी महत्वपूर्ण रहा है। वे जाटव समाज से आती हैं और उनका सामाजिक आधार मजबूत माना जाता है। उनके ससुर मोहन लाल पीपल दो बार पटौदी से विधायक रह चुके हैं और वे संसदीय सचिव सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा पीपल परिवार का रामपुरा हाउस से पुराना राजनीतिक जुड़ाव भी रहा है, जो क्षेत्रीय राजनीति में प्रभावशाली माना जाता है।
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चुनावी माहौल हुआ और भी गर्म
भाजपा द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद रेवाड़ी और धारूहेड़ा दोनों सीटों पर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस भी अपने प्रत्याशियों के साथ पूरी ताकत से चुनावी मैदान में है। स्थानीय मुद्दे, जातीय समीकरण और उम्मीदवारों की व्यक्तिगत पकड़ इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाने वाले हैं। आने वाले दिनों में प्रचार अभियान और भी तेज होने की संभावना है, जिससे मुकाबला और रोमांचक हो जाएगा।










