Haryana News: हरियाणा में गेहूं खरीद ने पकड़ी रफ्तार, लेकिन किसानों को इंतजार

हरियाणा में गेहूं खरीद ने तेज रफ्तार पकड़ ली है, लेकिन इसके बावजूद किसानों को भुगतान का इंतजार क्यों करना पड़ रहा है, क्या सिस्टम में कोई बड़ी समस्या है या प्रशासनिक देरी, कब तक किसानों के खातों में पैसा पहुंचेगा, पूरी कहानी जानकर आप चौंक जाएंगे

हरियाणा में गेहूं खरीद ने पकड़ी रफ्तार

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

मई 7, 2026

Haryana News: हरियाणा की अनाज मंडियों में इस बार गेहूं की आवक लगातार जारी है और आंकड़े पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड को तोड़ने के करीब पहुंच चुके हैं। अब तक राज्य की विभिन्न मंडियों में कुल 84.16 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज की गई है। यह आंकड़ा वर्ष 2022 के रिकॉर्ड 84.93 लाख मीट्रिक टन से केवल लगभग 77 हजार मीट्रिक टन कम है।इससे स्पष्ट है कि इस बार गेहूं खरीद का स्तर लगभग पुराने रिकॉर्ड के बराबर पहुंच चुका है।

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उठान और खरीद की स्थिति

मंडियों से गेहूं के उठान की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है। अब तक लगभग 67.85 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उठान हो चुका है, जो कुल आवक का करीब 86.7 प्रतिशत है। खरीद की बात करें तो अब तक 78.28 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद पूरी हो चुकी है, जो कुल आवक का लगभग 94.8 प्रतिशत है। वहीं, 82.55 लाख मीट्रिक टन गेहूं की बोली लग चुकी है, जो कुल आवक का 98.1 प्रतिशत है।

भुगतान में देरी से किसानों की परेशानी

भुगतान में देरी से किसानों की परेशानी
भुगतान में देरी से किसानों की परेशानी

हालांकि रिकॉर्ड स्तर पर खरीद और उठान होने के बावजूद किसानों को भुगतान मिलने में देरी हो रही है, जिससे उनकी चिंता बढ़ती जा रही है। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अनुसार कुल 16,463.09 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना था, लेकिन अब तक केवल 12,669 करोड़ रुपये (करीब 77 प्रतिशत) का भुगतान ही किया गया है। अभी भी बड़ी राशि लंबित है, जिसमें करीब 3,165.92 करोड़ रुपये (19.2 प्रतिशत) का भुगतान उठान प्रक्रिया के कारण अटका हुआ है। इसके अलावा 627.89 करोड़ रुपये (3.8 प्रतिशत) ऐसे मामलों में फंसे हुए हैं, जिन्हें प्रशासनिक मंजूरी का इंतजार है।

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किसानों की चिंता और प्रशासनिक स्थिति

भुगतान में देरी के कारण किसानों को आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। कई किसान अपनी अगली फसल की तैयारी और घरेलू खर्चों को लेकर परेशान हैं। वहीं, प्रशासन की ओर से उठान प्रक्रिया को तेज करने और लंबित भुगतान मामलों को निपटाने की कोशिश की जा रही है। सरकारी एजेंसियों का दावा है कि जैसे-जैसे गेहूं का उठान पूरा होगा, भुगतान प्रक्रिया भी तेजी से पूरी कर दी जाएगी।

रिकॉर्ड के करीब पहुंचा गेहूं खरीद का आंकड़ा

इस बार हरियाणा में गेहूं खरीद लगभग रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुकी है। वर्ष 2022 के रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए केवल थोड़ी ही मात्रा शेष है। अगर आवक इसी गति से जारी रही, तो इस साल नया रिकॉर्ड बनना लगभग तय माना जा रहा है।