Haryana News: भारत के 6 वीर जवानों की शहादत अमर, वॉर मेमोरियल पर दर्ज हुए नाम

'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारतीय सेना के 6 वीर जवानों ने देश की रक्षा में अपने प्राणों का बलिदान दिया था। केंद्र सरकार ने आधिकारिक रूप से इन शहीदों के नामों को सार्वजनिक करते हुए उन्हें नई दिल्ली स्थित 'नेशनल वॉर मेमोरियल' के 'रोल ऑफ ऑनर' में शामिल किया है।

Haryana News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 29, 2026

Haryana News: देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सैनिकों को नमन करना राष्ट्र का परम कर्तव्य है। इसी दिशा में एक गौरवपूर्ण कदम उठाते हुए, केंद्र सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में शहीद हुए भारतीय सेना के 6 जांबाजों के नामों को आधिकारिक रूप से सार्वजनिक किया है। इन शूरवीरों के नामों को अब नई दिल्ली स्थित ‘नेशनल वॉर मेमोरियल’ की वेबसाइट के ‘रोल ऑफ ऑनर’ में शामिल कर लिया गया है। साथ ही, मेमोरियल की 3डी वॉल पर वर्ष 2025 के खंड में उनके नाम अंकित किए गए हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा के स्रोत बने रहेंगे।

Haryana News: 1 जुलाई से हरियाणा में बदल जाएगा नियम, पेट्रोल-डीजल के लिए जरूरी होगा PUC

नेशनल वॉर मेमोरियल

नेशनल वॉर मेमोरियल का ‘त्याग चक्र’ ग्रेनाइट की 16 गोल दीवारों से निर्मित है। इन दीवारों पर आजादी के बाद से देश की अखंडता और सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले प्रत्येक सैनिक का नाम, उनकी रैंक और यूनिट दर्ज है। इन दीवारों पर अंकित शहीद दिनेश कुमार का नाम न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे हरियाणा और देश के लिए गर्व का विषय है।

ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि

यह घटना 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए उस आतंकी हमले से जुड़ी है, जिसमें 26 निर्दोष पर्यटकों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस कायराना हरकत का मुंहतोड़ जवाब देते हुए भारतीय सेना ने 6-7 मई की रात पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में घुसकर आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था। इस जवाबी कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकी मार गिराए गए थे। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक भीषण हवाई युद्ध चला, जो 10 मई को सीजफायर के साथ समाप्त हुआ। इसी संघर्ष के दौरान लांस नायक दिनेश कुमार ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए शहादत प्राप्त की।

हरियाणा का गौरव

हरियाणा के पलवल जिले के गांव मोहम्मदपुर के रहने वाले लांस नायक दिनेश कुमार पुंछ सेक्टर में तैनात थे। पाकिस्तानी गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब देते हुए उन्होंने अपने चार साथियों के साथ मोर्चा संभाला और अंतिम सांस तक वीरता से लड़ते हुए शहीद हो गए। उनकी शहादत ने न केवल उनके परिवार को, बल्कि पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है।

परिवार का गर्व और सरकार का सहयोग

शहीद दिनेश कुमार की पत्नी सीमा देवी का कहना है कि उन्हें अपने पति के बलिदान पर गर्व है, जिन्होंने देश की सेवा में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दी गई सहायता के लिए आभार व्यक्त किया। सरकार ने शहीद के सम्मान में कई कदम उठाए हैं, जिनमें गांव का नाम शहीद दिनेश कुमार के नाम पर रखना, गांव में शहीद स्मारक का निर्माण, और शहीद के नाम पर स्कूल व पार्क का नामकरण शामिल है। इसके अतिरिक्त, आर्थिक सहयोग और सीमा देवी को शिक्षा विभाग में क्लर्क के पद पर सरकारी नौकरी प्रदान की गई है।

शहीद दिनेश कुमार जैसे वीर सैनिकों का बलिदान हमें याद दिलाता है कि देश की सुरक्षा की कीमत बहुत बड़ी है। उनका नाम वॉर मेमोरियल पर अंकित होना न केवल एक सम्मान है, बल्कि यह राष्ट्र के प्रति उनके असीम प्रेम और निष्ठा की अमर गाथा है।

Haryana News: 32 साल बाद खत्म हुआ जल विवाद, हरियाणा और राजस्थान के बीच बनी सहमति