Haryana News: सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर बढ़ा, ‘निपुण हरियाणा’ बना बदलाव की वजह

हरियाणा में 'निपुण हरियाणा' पहल के तहत लागू की गई बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान (FLN) प्रणाली से सरकारी स्कूलों के शिक्षा स्तर में काफी सुधार हुआ है।

Haryana News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 27, 2026

Haryana News: हरियाणा राज्य में शिक्षा के स्तर को सुधारने और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अंतर्गत शुरू की गई ‘फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी’ (FLN) यानी बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान पहल का राज्य में व्यापक असर दिखाई दे रहा है। ‘निपुण हरियाणा’ के तहत चलाई जा रही इन शैक्षणिक गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2026-27 तक प्रत्येक बच्चे को कक्षा 3 के अंत तक साक्षरता और गणित की बुनियादी समझ में पूरी तरह सक्षम बनाना है, ताकि उन्हें आगे की स्कूली शिक्षा में किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

Haryana News: हरियाणा भर्ती घोटालों को लेकर कांग्रेस हमलावर, हुड्डा ने HPSC चेयरमैन से मांगा इस्तीफा

विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि

टीचिंग-लर्निंग प्रैक्टिसेस सर्वे (TLPS) 2025 के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर से दिसंबर 2025 के बीच किए गए मूल्यांकन में विद्यार्थियों की शैक्षणिक दक्षता में भारी सुधार दर्ज किया गया है।

कैटेगरी में बड़ा बदलाव: इस अवधि के दौरान ‘कैटेगरी-ए’ स्कूलों की संख्या मात्र 7 प्रतिशत से बढ़कर सीधे 53 प्रतिशत हो गई है। वहीं, कमजोर प्रदर्शन वाले ‘कैटेगरी-सी’ स्कूलों का प्रतिशत 74% से घटकर केवल 23% पर आ गया है।

विशेषज्ञों के मत: सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशन के सीनियर एकेडमिक प्रोफेशनल अजय गुप्ता ने बताया कि एफएलएन को लेकर की गई सकारात्मक पहलों के शानदार परिणाम सामने आ रहे हैं। यदि समय रहते बच्चों की कमियों को समझकर उन्हें सुधारा जाए, तो सीखने की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बन जाती है।

पढ़ने की क्षमता और गणितीय कौशल में सुधार

सर्वे के मुताबिक बच्चों की पढ़ने की रफ्तार और समझ में भी जबरदस्त सुधार हुआ है:

कक्षा दूसरी और तीसरी का स्तर: कक्षा 2 के विद्यार्थियों का साक्षरता स्तर 46.5% से बढ़कर 67% हो गया है, जबकि कक्षा 3 का स्तर 44.2% से बढ़कर 61.4% पहुंच गया है।

पढ़ने की गति: प्रति मिनट 45 शब्द पढ़ने वाले विद्यार्थियों का प्रतिशत 48% से बढ़कर 65% हो गया है। इसके अलावा, लगभग 31% विद्यार्थी अब प्रति मिनट 60 शब्द तक पढ़ने में पूरी तरह सक्षम पाए गए हैं।

जिला एफएलएन कोऑर्डिनेटर रूपांशी डुड्डा ने बताया कि स्कूलों में टीचिंग लर्निंग मटेरियल (TLM) का भरपूर उपयोग किया जा रहा है, जिससे सरकारी स्कूलों में बच्चों की पठन-पाठन की गुणवत्ता में व्यापक सुधार हुआ है।

कक्षाओं का बदला हुआ माहौल और शिक्षक प्रशिक्षण

TLPS 2025 सर्वे से यह भी पता चला है कि स्कूलों में पढ़ाई का माहौल पहले से कहीं अधिक सकारात्मक हुआ है:

शिक्षण समय: सर्वे के अनुसार, कक्षाओं में 71% समय शिक्षक पढ़ाने में लगाते हैं, जबकि 12% समय बच्चों की सहभागिता वाली गतिविधियों में बीतता है।

शिक्षक प्रशिक्षण: राज्य के लगभग 83% शिक्षकों ने पिछले एक वर्ष में एफएलएन का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है, और अब शत-प्रतिशत शिक्षकों को यह प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

दृश्य शिक्षण सामग्री: लगभग 75% कक्षाओं में चार्ट, पोस्टर और अन्य शिक्षण सामग्री लगाई गई है, जिसमें से 80% सामग्री बच्चों की आंखों के स्तर पर है, जिससे बच्चों के लिए पढ़ाई को समझना और अधिक रोचक बन गया है।

निपुण भारत मिशन के मुख्य उद्देश्य

भारत सरकार द्वारा 5 जुलाई 2021 को शुरू किए गए ‘निपुण भारत’ (NIPUN – National Initiative for Proficiency in Reading with Understanding and Numeracy) मिशन के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

प्रत्येक बच्चे को केवल पढ़ना ही नहीं, बल्कि समझ के साथ पढ़ना और लिखना सिखाना।

प्रारंभिक कक्षाओं में ही बच्चों के भीतर बुनियादी गणितीय कौशल विकसित करना।

पारंपरिक रटन विद्या के बजाय गतिविधि-आधारित और बाल-केंद्रित शिक्षण को बढ़ावा देना।

शिक्षकों को आधुनिक प्रशिक्षण और आवश्यक शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराना।

वर्ष 2026-27 तक देश के सभी बच्चों को कक्षा 3 के अंत तक बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान में पूरी तरह काबिल बनाना।

Haryana News: IDFC बैंक घोटाले में पूर्व IAS पंकज अग्रवाल की सफाई, रिश्वत के आरोपों से किया इनकार