Haryana News: हरियाणा की सियासत में आज का दिन बेहद सरगर्म रहने वाला है। राज्य विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र आज सुबह 11 बजे से शुरू हो रहा है। इस सत्र में जहाँ एक ओर ग्रुप-D कर्मचारियों के प्रमोशन से जुड़ा महत्वपूर्ण बिल पेश किया जाना है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक मोर्चे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक होने की पूरी संभावना है।
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निंदा प्रस्ताव और महिला आरक्षण पर रार
विधानसभा की कार्यवाही की शुरुआत परंपरा के अनुसार शोक प्रस्तावों के साथ होगी, जिसमें दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके तुरंत बाद सदन का माहौल गर्माने की उम्मीद है।
मुख्य विवाद का केंद्र
सरकार इस सत्र में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण) को लेकर कांग्रेस के स्टैंड के खिलाफ एक निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस इस ऐतिहासिक कानून के क्रियान्वयन में बाधा उत्पन्न कर रही है। इस प्रस्ताव के आते ही सदन में भारी हंगामे के आसार हैं, क्योंकि कांग्रेस इसका पुरजोर विरोध करेगी।
विधायक दल की बैठक और सरकार की घेराबंदी
विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सुबह 9:30 बजे चंडीगढ़ में कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक बुलाई।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकार द्वारा लाए जा रहे निंदा प्रस्ताव का मुकाबला करना और जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरना है। हुड्डा ने साफ किया है कि विपक्ष सरकार की “विफलताओं” और “कर्मचारी विरोधी नीतियों” को सदन के पटल पर मजबूती से उठाएगा।
पार्टी व्हिप और सस्पेंड विधायकों की चुनौती
इस विशेष सत्र की सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसमें कांग्रेस के वे 5 विधायक भी शामिल होंगे, जिन्हें राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग के आरोप में पार्टी से सस्पेंड किया गया था।
शामिल होने वाले विधायक:
शैली चौधरी (नारायणगढ़)
रेनू बाला (सढौरा)
मोहम्मद इलियास (पुन्हाना)
मोहम्मद इसराइल (हथीन)
जरनैल सिंह (रतिया)
कानूनी स्थिति: तकनीकी रूप से ये विधायक अभी भी कांग्रेस दल का हिस्सा हैं। इसलिए, उन्हें सदन के अंदर पार्टी व्हिप (Whip) का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। यदि ये विधायक वोटिंग या किसी प्रस्ताव के दौरान पार्टी लाइन के खिलाफ जाते हैं, तो उनके खिलाफ दल-बदल विरोधी कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
ग्रुप-D कर्मियों के लिए बड़ी राहत की उम्मीद
राजनीतिक गहमागहमी के बीच, यह सत्र प्रदेश के हजारों ग्रुप-D कर्मचारियों के लिए उम्मीद की किरण लेकर आया है। सरकार इस सत्र में उनके प्रमोशन से जुड़ा एक संशोधन बिल पेश करेगी। इस बिल के पारित होने के बाद ग्रुप-D कर्मियों के लंबे समय से रुके हुए प्रमोशन के रास्ते साफ हो जाएंगे, जिससे उन्हें बेहतर ग्रेड-पे और पदों पर काम करने का अवसर मिलेगा।









