Haryana News: हरियाणा सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के राशन डिपो पर पुरानी 2-जी ई-पॉस मशीनों की जगह नई 5-जी तकनीक आधारित मशीनें लगाई जाएंगी। सरकार का उद्देश्य राशन वितरण प्रक्रिया को तेज, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक बनाना है, ताकि राशन कार्डधारकों को बिना किसी परेशानी के समय पर अनाज मिल सके।
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चरणबद्ध तरीके से बदली जा रही हैं मशीनें
ऑल राशन डिपो होल्डर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश मीडिया प्रभारी गुरतेज सिंह सोढ़ी के अनुसार, पूरे हरियाणा में चरणबद्ध तरीके से पुरानी मशीनों को हटाकर नई 5-जी सक्षम मशीनें स्थापित की जा रही हैं। पिछले करीब 9 वर्षों से इस्तेमाल हो रही 2-जी मशीनें अब तकनीकी रूप से पुरानी हो चुकी थीं और उनमें नेटवर्क संबंधी समस्याएं लगातार सामने आ रही थीं।
नई मशीनों में हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी, बेहतर बायोमेट्रिक सिस्टम और रियल टाइम डेटा अपडेट जैसी आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। इससे राशन वितरण की प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और आसान हो जाएगी।
लंबी लाइनों और नेटवर्क समस्या से मिलेगी राहत
पुरानी 2-जी मशीनों में नेटवर्क धीमा होने के कारण राशन वितरण में काफी समय लगता था। कई बार मशीनें सही तरीके से काम नहीं करती थीं, जिससे डिपो पर लंबी कतारें लग जाती थीं और उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार करना पड़ता था।
अब 5-जी तकनीक आने के बाद अंगूठे के निशान यानी बायोमेट्रिक सत्यापन और डेटा प्रोसेसिंग की गति कई गुना बढ़ जाएगी। इससे लाभार्थियों को जल्दी राशन मिलेगा और डिपो पर भीड़भाड़ कम होगी। सरकार का मानना है कि यह बदलाव सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाएगा।
राशन कार्डधारकों से धैर्य रखने की अपील
गुरतेज सिंह सोढ़ी ने राशन कार्डधारकों से अपील की है कि नई मशीनों के डिपो तक पहुंचने की प्रक्रिया के दौरान वे धैर्य बनाए रखें। उन्होंने कहा कि लाभार्थी विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचना या मुनादी के बाद ही राशन लेने पहुंचे, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
सरकार और विभागीय अधिकारी इस नई व्यवस्था को डिजिटल इंडिया अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं। उनका कहना है कि नई तकनीक लागू होने के बाद राशन वितरण व्यवस्था अधिक सुचारु और प्रभावी हो जाएगी।
डिजिटल सिस्टम से बढ़ेगी पारदर्शिता
नई 5-जी मशीनों के जरिए राशन वितरण का पूरा रिकॉर्ड तुरंत ऑनलाइन अपडेट होगा। इससे गड़बड़ी और फर्जीवाड़े की संभावना भी कम होगी। लाभार्थियों का डेटा सुरक्षित रहेगा और राशन वितरण की निगरानी करना भी आसान होगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस तकनीकी बदलाव से प्रदेश के लाखों राशन कार्डधारकों को सीधा फायदा मिलेगा। भविष्य में राशन वितरण प्रक्रिया को और बेहतर बनाने के लिए सरकार लगातार नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दे रही है।










