Haryana News: हरियाणा के उत्तरी व अन्य हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ और मौसम बदलाव के चलते गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है। शनिवार को प्रदेश के 11 जिलों में हुई बारिश के बाद अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU), हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, आगामी 17 सितंबर तक मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा।
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11 जिलों में बारिश और तापमान की स्थिति

शनिवार को हुई बारिश और तापमान के प्रमुख आंकड़े:
प्रमुख जिलों में वर्षा (मिमी में): चरखी दादरी (29.5), गुरुग्राम (26), मेवात/नूंह (23), पानीपत (8.5), भिवानी (4), सिरसा (4), सोनीपत (3), पलवल (5), फरीदाबाद (2), करनाल (0.6) और यमुनानगर (1 मिमी)।
तापमान में गिरावट: हिसार का अधिकतम तापमान 38.3 डिग्री सेल्सियस से लुढ़ककर 34.5 डिग्री सेल्सियस पर आ गया (करीब 4 डिग्री की गिरावट)।
चरम तापमान: प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान रोहतक में 35.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम तापमान यमुनानगर में 31.9 डिग्री सेल्सियस रहा।
अगले 7 दिनों का मौसम अनुमान (13 से 19 सितंबर)

13-14 सितंबर: मानसून की सक्रियता कम रहने से मौसम परिवर्तनशील, आंशिक बादलवाही और छिटपुट जगहों पर हल्की फुहार या उमसभरी स्थिति रह सकती है।
15 सितंबर (दिन/देर रात): राज्य में मानसून के दोबारा सक्रिय होने के आसार। कुछ हिस्सों में बादलों की आवाजाही के साथ बारिश की शुरुआत।
16 से 18 सितंबर: प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में तेज हवाओं, गरज-चमक (Thunderstorm) के साथ हल्की से मध्यम बारिश की प्रबल संभावना। तापमान में 2-3 डिग्री और गिरावट आने के आसार।
19 सितंबर: बारिश की गतिविधियों में कमी, मौसम साफ होने और धूप निकलने से उमस हल्की बढ़ सकती है।
किसानों और आम नागरिकों के लिए सलाह

जिन क्षेत्रों में भारी बारिश या जलभराव की स्थिति बन सकती है, वहां धान और सब्जियों की फसल से अतिरिक्त पानी की निकासी का प्रबंध रखें। गरज-चमक के समय खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या कमजोर जीर्ण-शीर्ण निर्माण के पास खड़े होने से बचें। ग्रामीण अंचलों में कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 15 से 18 सितंबर के बीच का दौर बारिश के लिहाज से सबसे सक्रिय रहने वाला है, जिससे सूबे के अधिकांश जिलों में पारा सामान्य के करीब या उससे नीचे दर्ज किया जा सकता है।
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