Haryana News: रेलवे कर्मचारियों के लिए राहत, पति-पत्नी की एक स्टेशन पर पोस्टिंग को लेकर नए नियम

रेलवे कर्मचारियों के लिए पोस्टिंग से जुड़ी अहम खबर सामने आई है। पति-पत्नी को एक ही स्टेशन या आसपास तैनाती दिलाने से जुड़े नियमों में बदलाव की चर्चा है। आखिर नए प्रावधानों का लाभ किन कर्मचारियों को मिलेगा, ट्रांसफर प्रक्रिया कैसे प्रभावित होगी और परिवारों को इससे क्या राहत मिलेगी, जानिए पूरी जानकारी।

पति-पत्नी की एक स्टेशन पर पोस्टिंग को लेकर नए नियम

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अगस्त 9, 2026

Haryana News: रेलवे में कार्यरत कर्मचारियों के लिए एक अहम फैसला लिया गया है। रेलवे ने अराजपत्रित कर्मचारियों के लिए पति-पत्नी को एक ही स्थान पर तैनात किए जाने से जुड़े नियमों में संशोधन करते हुए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य रेलवे कर्मचारियों को बेहतर पारिवारिक जीवन जीने में सुविधा देना है। खासतौर पर 18 वर्ष तक की आयु वाले बच्चों की देखभाल और उनकी परवरिश में माता-पिता दोनों की मौजूदगी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।

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एक ही विभाग में कार्यरत दंपती को एक स्थान पर पोस्टिंग

नए निर्देशों के मुताबिक, यदि पति और पत्नी दोनों रेलवे कर्मचारी हैं और एक ही यूनिट तथा विभाग में कार्यरत हैं, तो उन्हें एक ही स्थान पर तैनात करने की व्यवस्था की जाएगी। हालांकि, इसके लिए संबंधित स्तर का उपयुक्त पद उपलब्ध होना जरूरी होगा। साथ ही यह भी ध्यान रखा जाएगा कि पति या पत्नी में से कोई भी दूसरे का प्रत्यक्ष अधीनस्थ बनकर काम न करे। इस व्यवस्था का उद्देश्य न केवल कर्मचारियों को पारिवारिक सुविधा देना है, बल्कि कार्यालय में प्रशासनिक पारदर्शिता और कार्य संबंधी निष्पक्षता को भी बनाए रखना है।

अलग-अलग यूनिट में होने पर भी साथ रखने की कोशिश

अगर पति-पत्नी रेलवे की अलग-अलग यूनिट में काम करते हैं, तो रेलवे उन्हें एक ही स्टेशन पर नियुक्त करने का प्रयास करेगा। इसके लिए संबंधित कर्मचारियों के कैडर में उपलब्ध पदों को ध्यान में रखा जाएगा।

यदि किसी कर्मचारी के कैडर में संबंधित स्टेशन पर पद उपलब्ध नहीं है, तो नियमों के अनुसार श्रेणी या कैडर परिवर्तन से जुड़े अनुरोध पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जा सकता है। हालांकि, ऐसे मामलों में मौजूदा नियमों और प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखा जाएगा।

दूसरे सरकारी विभाग में कार्यरत जीवनसाथी को भी राहत

नए दिशा-निर्देशों में उन मामलों को भी शामिल किया गया है, जहां पति या पत्नी में से केवल एक रेलवे कर्मचारी है और दूसरा ऑल इंडिया सर्विस या किसी अन्य केंद्रीय सेवा में कार्यरत है। ऐसे मामलों में रेलवे कर्मचारी को जीवनसाथी की तैनाती वाले क्षेत्र में पोस्टिंग देने का प्रयास किया जाएगा। इसी तरह यदि जीवनसाथी राज्य सरकार की सेवा या केंद्र अथवा राज्य के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम में काम करता है, तो रेलवे कर्मचारी के स्थानांतरण संबंधी आवेदन पर संबंधित अधिकारियों को सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के निर्देश दिए गए हैं।

आवेदनों की निगरानी के लिए बनेगा अलग रजिस्टर

उत्तर रेलवे के प्रवक्ता हिमांशु शेखर उपाध्याय के अनुसार, सभी मंडलों और जोनल मुख्यालयों में पति-पत्नी के आधार पर किए जाने वाले स्थानांतरण आवेदनों के लिए अलग रजिस्टर बनाया जाएगा। इन आवेदनों को दर्ज करने के साथ-साथ समय-समय पर उनकी समीक्षा भी की जाएगी।

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राजपत्रित अधिकारियों को नहीं मिलेगा इस नियम का लाभ

रेलवे ने स्पष्ट किया है कि संशोधित दिशा-निर्देश फिलहाल अराजपत्रित कर्मचारियों के लिए लागू होंगे। इनका दायरा राजपत्रित अधिकारियों तक नहीं बढ़ाया गया है। कुल मिलाकर, रेलवे के इस कदम से उन कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है जिन्हें अलग-अलग स्थानों पर तैनाती के कारण परिवार से दूर रहना पड़ता है। नए नियमों के जरिए रेलवे ने कर्मचारियों के पारिवारिक दायित्वों और नौकरी के बीच बेहतर संतुलन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।