Haryana News: हरियाणा और NCR से जुड़ी विधानसभा सीटों की प्रारंभिक मतदाता सूची में एक अहम जानकारी सामने आई है। विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) के बाद पता चला है कि इन क्षेत्रों में 10 लाख से अधिक मतदाताओं ने अपना पुराना ठिकाना छोड़ दिया है। मतदाताओं की संख्या और अलग-अलग सामाजिक वर्गों को देखते हुए यह स्थिति राजनीतिक दलों के लिए भी चिंता का विषय मानी जा रही है।
हालांकि, मतदाताओं के पास अभी 31 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर है। इसके बावजूद अब तक ऐसे मतदाताओं में से बहुत कम लोगों ने अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए आपत्ति या दावा दाखिल किया है।
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चार दिन चलेगा विशेष अभियान
भारत निर्वाचन आयोग की ओर से हरियाणा में चलाए जा रहे SIR अभियान के तहत मतदाताओं की सुविधा के लिए चार दिन विशेष अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान 22-23 अगस्त और 29-30 अगस्त को आयोजित होगा।
इन चारों दिनों में राज्य के सभी बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक अपने-अपने मतदान केंद्रों पर मौजूद रहेंगे। इस दौरान पात्र मतदाताओं से दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी।
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रारंभिक मतदाता सूची में अपना नाम और परिवार के सभी पात्र सदस्यों के नाम जरूर जांच लें। उन्होंने कहा कि यदि किसी योग्य व्यक्ति का नाम सूची में नहीं है तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत नाम जुड़वाने का अवसर दिया जा रहा है।
नाम जुड़वाने के लिए भरना होगा फॉर्म-6
यदि किसी पात्र नागरिक का नाम प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल नहीं है तो वह फॉर्म-6 के जरिए अपना दावा प्रस्तुत कर सकता है। इसके साथ जरूरी दस्तावेज और निर्धारित घोषणा-पत्र भी जमा करना होगा।
आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 38,815 फॉर्म-6 प्राप्त हो चुके हैं। इसका मतलब है कि हजारों नागरिकों ने मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जानकारी में बदलाव के लिए फॉर्म-8
यदि किसी मतदाता के नाम, पते, उम्र, फोटो या अन्य विवरण में किसी तरह की गलती है, तो उसे सुधारने के लिए फॉर्म-8 जमा किया जा सकता है। इसके साथ संबंधित दस्तावेज और घोषणा-पत्र देना जरूरी होगा।
अब तक विभाग को 40,659 फॉर्म-8 प्राप्त हो चुके हैं। इससे पता चलता है कि बड़ी संख्या में मतदाता अपनी जानकारी को सही कराने के लिए आगे आ रहे हैं।
अपात्र मतदाताओं पर फॉर्म-7 से दर्ज होगी आपत्ति
वहीं, यदि मतदाता सूची में किसी मृत व्यक्ति, स्थानांतरित व्यक्ति, अपात्र व्यक्ति या ऐसे व्यक्ति का नाम दर्ज है जो किसी अन्य स्थान पर पहले से पंजीकृत है, तो उसके खिलाफ फॉर्म-7 के माध्यम से आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है।
अब तक 2,260 फॉर्म-7 प्राप्त हुए हैं। दावे और आपत्तियां संबंधित ईआरओ (निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी) और एईआरओ कार्यालयों में जमा कराई जा सकती हैं।
ऑनलाइन भी कर सकते हैं आवेदन
मतदाताओं को ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। नागरिक भारत निर्वाचन आयोग के मतदाता पोर्टल voters.eci.gov.in के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना दावा, संशोधन या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
SIR अभियान के दौरान नागरिकों के लिए सबसे जरूरी है कि वे अंतिम तिथि से पहले मतदाता सूची में अपना नाम और विवरण जरूर जांच लें, ताकि किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदान के अधिकार से वंचित न रह जाए।
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