Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अपने गुरुग्राम दौरे के दौरान राज्य की व्यवस्थाओं, विकास कार्यों और प्रशासनिक योजनाओं को लेकर काफी सक्रिय नजर आए। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करने के साथ-साथ विपक्ष के बयानों पर तीखा पलटवार भी किया।
17 में से 14 मामलों का मौके पर समाधान
गुरुग्राम में आयोजित ग्रीवेंस कमेटी (शिकायत निवारण समिति) की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष जनसमस्याओं से जुड़े कुल 17 अहम मामले रखे गए। इनमें से 14 मामलों का मौके पर ही त्वरित समाधान कर दिया गया, जबकि शेष 3 मामलों को उचित जांच और रिपोर्ट के लिए लंबित रखा गया है।
इस बैठक में मुख्य रूप से अतिक्रमण, ट्रैफिक जाम, बिजली आपूर्ति और किसानों से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। खेतों में बिजली के टूटे हुए पोल के कारण होने वाली दुर्घटनाओं और आग लगने की घटनाओं को भी गंभीरता से लिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े इन मामलों पर तुरंत संज्ञान लिया जाए और लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
HKRN के मुद्दे पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर पलटवार
हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा दिए गए बयानों पर पलटवार करते हुए सीएम नायब सिंह सैनी ने पिछली कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हुड्डा साहब को साल 2014 से पहले का अपना कार्यकाल अच्छी तरह याद करना चाहिए। उस दौर में ठेकेदारी प्रथा के माध्यम से किस तरह युवाओं का शोषण होता था और उन्हें बेहद कम पारिश्रमिक दिया जाता था, यह किसी से छिपा नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के 10 वर्षों के कार्यकाल में युवाओं के शोषण के खिलाफ कभी कोई आवाज नहीं उठाई गई। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार ने ठेकेदारी प्रथा को खत्म करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। HKRN के जरिए आज राज्य के युवाओं को रोजगार के साथ-साथ सम्मानजनक पारिश्रमिक और न्यूनतम वेतन सीधे उनके बैंक खातों में मिलने की पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
अतिक्रमण पर सख्त संदेश और कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
सार्वजनिक स्थलों पर कब्जा करने वालों को कड़ा संदेश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अदालत के आदेशों का पालन करना हम सबका कर्तव्य है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे सार्वजनिक जगहों पर अतिक्रमण न करें, क्योंकि इससे आम नागरिकों के साथ-साथ प्रशासन को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री के गुरुग्राम दौरे के समय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन भी किया। ग्रीवेंस कमेटी की बैठक के बाद जब मुख्यमंत्री का काफिला गुरुग्राम यूनिवर्सिटी की ओर जा रहा था, तब कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता काफिला के सामने आ गए और काले झंडे दिखाते हुए नारेबाजी की। हालांकि, सुरक्षा कर्मियों ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और मुख्यमंत्री के काफिले को सुरक्षित आगे रवाना किया।
Haryana Property ID: मुख्यमंत्री तक शिकायत पहुंचने पर अधिकारियों पर










