Haryana News: हरियाणा सरकार ने आबकारी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य में नई डिजिटल ‘ट्रैक एंड ट्रेस’ प्रणाली के साथ आबकारी विभाग की आठ ऑनलाइन सेवाओं की शुरुआत की। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य शराब की बिक्री और वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल निगरानी में लाना, अवैध कारोबार पर रोक लगाना और विभागीय पारदर्शिता को मजबूत करना है।
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QR कोड से होगी हर शराब की बोतल की डिजिटल पहचान
नई प्रणाली के तहत अब राज्य में बिकने वाली प्रत्येक शराब की बोतल पर एक विशिष्ट QR कोड लगाया जाएगा। यह कोड उस बोतल की पूरी जानकारी अपने भीतर दर्ज रखेगा। शराब का निर्माण किस डिस्टिलरी में हुआ, बॉटलिंग कब हुई, किस थोक विक्रेता के पास भेजी गई और अंत में किस खुदरा दुकान तक पहुंची—इन सभी चरणों का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से उपलब्ध रहेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस तकनीक के जरिए आबकारी विभाग किसी भी बोतल की जानकारी कुछ ही सेकंड में प्राप्त कर सकेगा। इससे नकली शराब, टैक्स चोरी और अवैध सप्लाई जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी।
ऑनलाइन हुई आबकारी विभाग की आठ प्रमुख सेवाएं
सरकार ने आम नागरिकों और व्यापारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आबकारी विभाग से जुड़ी आठ महत्वपूर्ण सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब लाइसेंस और अनुमतियों के लिए लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। सभी आवेदन डिजिटल माध्यम से किए जा सकेंगे, जिससे समय की बचत के साथ प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी बनेगी। इन सेवाओं में सामाजिक समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत समारोह और प्रदर्शनियों जैसे आयोजनों में सीमित अवधि के लिए शराब परोसने की अनुमति प्राप्त करना शामिल है। इसके अलावा मैरिज पैलेस और बैंक्वेट हॉल के वार्षिक पंजीकरण की सुविधा भी ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई है।
व्यापारियों को मिलेगी आसान और तेज सुविधा
नई ऑनलाइन व्यवस्था के अंतर्गत विकृत स्पिरिट (Denatured Spirit) आउटलेट के लाइसेंस, औद्योगिक और औषधीय स्पिरिट से जुड़े परमिट भी डिजिटल माध्यम से जारी किए जाएंगे। साथ ही खुदरा शराब दुकानों के संचालन समय में विस्तार की अनुमति लेने की प्रक्रिया भी ऑनलाइन कर दी गई है।
सरकार का मानना है कि इन सेवाओं के डिजिटलीकरण से आवेदन प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज, सरल और पारदर्शी होगी। इससे कारोबारियों को प्रशासनिक देरी और अनावश्यक कागजी प्रक्रियाओं से भी राहत मिलेगी।
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अवैध शराब कारोबार पर लगेगी प्रभावी रोक
राज्य सरकार का कहना है कि नई ट्रैक एंड ट्रेस प्रणाली केवल प्रशासनिक सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य अवैध शराब के कारोबार पर कड़ी निगरानी रखना भी है। प्रत्येक बोतल की डिजिटल ट्रैकिंग से नकली उत्पादों की पहचान आसान होगी और राजस्व चोरी की संभावनाएं भी कम होंगी।
सरकार को उम्मीद है कि इस तकनीकी पहल से आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली अधिक जवाबदेह बनेगी, राजस्व संग्रह में वृद्धि होगी और उपभोक्ताओं को भी अधिक सुरक्षित एवं प्रमाणिक उत्पाद उपलब्ध हो सकेंगे। नई व्यवस्था हरियाणा में डिजिटल प्रशासन और सुशासन की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।










