Haryana News: हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र समाप्त होने के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर नायब सिंह सैनी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार पर सदन और प्रदेश की जनता को गुमराह करने, हर मोर्चे पर विफल रहने और गंभीर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप जड़े हैं। हुड्डा के इन बयानों से राज्य का राजनीतिक पारा तेजी से चढ़ गया है।
सदन में जनता के मुद्दों से भटकाव और झूठे वादे
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मुख्य रूप से हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के माध्यम से पक्की नौकरियां देने के दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने हर बार युवाओं से झूठे वादे किए हैं। जब विपक्ष ने सदन के भीतर HKRN कर्मियों को नियमित करने, गेस्ट टीचर्स, सफाई कर्मचारियों और फायर ब्रिगेड के मुद्दों पर सरकार को घेरा, तो मंत्रियों ने गोलमोल जवाब देकर बात को टाल दिया। हुड्डा के मुताबिक, शिक्षित युवाओं पर लगातार अत्याचार हो रहा है और परीक्षाओं में पेपर लीक होना आम बात बन चुकी है।
बढ़ता कर्ज, भ्रष्टाचार और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली
राज्य की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति पर चिंता जताते हुए हुड्डा ने कहा कि आज हरियाणा साढ़े पांच लाख 56 करोड़ रुपए से अधिक के कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। भ्रष्टाचार के मामलों में केवल पटवारी या छोटे अधिकारियों पर शिकंजा कसा जाता है, जबकि बड़ी मछलियां पूरी तरह से सुरक्षित हैं। सरकार पर तीखा कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि मंत्रियों के पास जनता के सवालों का कोई जवाब नहीं है। इसके अलावा, IMA के 1200 करोड़ रुपए का भुगतान बकाया होने के कारण गरीबों का सहारा छीना जा रहा है। हुड्डा ने दावा किया कि हरियाणा में स्वास्थ्य क्षेत्र पर सबसे कम बजट खर्च किया जाता है और इस सरकार के कार्यकाल में एक भी नई आईएमटी (IMT) नहीं बनवाई गई है।
दलित विरोधी नीतियां और विधानसभा अध्यक्ष की कार्यशैली
सैनी सरकार को दलित विरोधी करार देते हुए हुड्डा ने कहा कि यह सरकार अपने हक का पानी तक मांगने में असमर्थ साबित हुई है। मुख्यमंत्री द्वारा पिछले सत्र में यह दावा किए जाने पर कि राज्य में कोई घोटाला नहीं हुआ, हुड्डा ने सवाल उठाया कि अगर सब ठीक था, तो अब बड़े अधिकारी कैसे फंस रहे हैं? उन्होंने विधानसभा स्पीकर की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए और कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए सदन के बाहर उन्हें जबरन रोका गया।
विवादित मामले और दुखद घटनाएं
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बिजली विभाग के एसई (SE) की मौत के मामले को बेहद गंभीर और दुखद बताया गया। वहीं, सदन के भीतर जरनैल सिंह द्वारा पोस्टर दिखाए जाने और इंदुराज द्वारा उसे छीने जाने के विवाद पर सफाई देते हुए हुड्डा ने स्पष्ट किया कि वहां केवल पोस्टर दिखाने से मना किया जा रहा था। इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि आगामी दिनों में विपक्ष सरकार को घेरने के लिए सड़क से लेकर सदन तक आक्रामक रुख अपनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
Haryana News: हरियाणा सरकार को हाईकोर्ट की फटकार? सरकारी कर्मचारि










