Haryana News: हरियाणा में इस समय मानसून की सुस्त रफ्तार के कारण भीषण गर्मी और उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश ‘डबल अटैक’ का सामना कर रहा है—एक तरफ बढ़ता तापमान और दूसरी तरफ हवा में मौजूद अत्यधिक नमी (आर्द्रता), जिससे चिपचिपी गर्मी से आम जनजीवन बेहाल है। मौसम विभाग की मानें तो फिलहाल लोगों को इस स्थिति से तुरंत राहत मिलने के आसार कम हैं।
फिलहाल दो दिन और सताएगी गर्मी
मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, 17 और 18 जुलाई को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की कोई बड़ी संभावना नहीं है। हालांकि आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, लेकिन ये बादल केवल उमस बढ़ाने का काम करेंगे। बादल छाने और बारिश न होने के कारण तापमान में तेजी देखी जा रही है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने इस स्थिति को स्पष्ट करते हुए बताया कि मानसून की गतिविधियां फिलहाल कमजोर पड़ गई हैं, जिसके कारण हरियाणा के अधिकतर शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुँच गया है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान भिवानी में 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि हिसार और रोहतक जैसे जिलों में भी पारा 39 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। गुरुग्राम में न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन दिन की आर्द्रता ने गर्मी के अहसास को कई गुना बढ़ा दिया है।
19 जुलाई से बदलेगा मौसम, लौटेंगे बादल
हरियाणावासियों के लिए राहत की खबर यह है कि 19 जुलाई से मानसून के पुनः सक्रिय होने के प्रबल आसार हैं। मौसम विभाग के पांच दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार:
19 जुलाई: राज्य के कुछ चुनिंदा स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की शुरुआत हो सकती है।
20 और 21 जुलाई: मानसून की सक्रियता बढ़ने से प्रदेश के कई क्षेत्रों में वर्षा होने की संभावना है।
जुलाई के अंत तक रहेगा बारिश का दौर
मौसम विशेषज्ञों ने भविष्यवाणी की है कि जुलाई का तीसरा और चौथा सप्ताह हरियाणा व एनसीआर के लिए काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, 19 जुलाई से शुरू होकर 31 जुलाई तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। यह बारिश न केवल बढ़ते तापमान से राहत दिलाएगी, बल्कि उमस की समस्या को भी कम करेगी।
किसानों के लिए क्या है स्थिति?
मानसून की यह देरी और उमस भरी गर्मी कृषि कार्यों के लिए चिंता का विषय बनी हुई थी, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ धान की रोपाई के लिए पर्याप्त जल की आवश्यकता होती है। उम्मीद की जा रही है कि 19 जुलाई के बाद होने वाली बारिश कृषि गतिविधियों के लिए संजीवनी का काम करेगी।
कुल मिलाकर, अगले 48 घंटे अभी हरियाणा के लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण रहेंगे। उसके बाद मानसून की वापसी से प्रदेशवासियों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की पूरी उम्मीद है। सलाह दी जाती है कि लोग इस दौरान अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें, पर्याप्त पानी पिएं और घर से बाहर निकलते समय धूप व उमस से बचाव के उपाय करें।










