Haryana News: हरियाणा के किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने मार्च और अप्रैल महीने में बारिश और ओलावृष्टि के कारण खराब हुई फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा देने का फैसला किया है। इस योजना के तहत 144 गांवों के किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में सहायता राशि ट्रांसफर की जाएगी।
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हजारों किसानों ने किया नुकसान का दावा
प्राकृतिक आपदा के चलते फसलों को हुए नुकसान के बाद बड़ी संख्या में किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। जानकारी के अनुसार, 16 जिलों के कुल 6821 किसानों ने क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराते हुए नुकसान का ब्योरा दर्ज कराया है। किसानों द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार करीब 50,108.808 एकड़ कृषि भूमि की फसलें प्रभावित हुई हैं। यह नुकसान मुख्य रूप से असमय बारिश और ओलावृष्टि के कारण हुआ है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक झटका लगा।
प्राकृतिक आपदा से हुआ बड़ा नुकसान
हरियाणा के कई इलाकों में मार्च और अप्रैल के दौरान अचानक मौसम में बदलाव देखने को मिला। तेज बारिश और ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया। इसी को देखते हुए हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने किसानों को राहत देने के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला, ताकि प्रभावित किसान आसानी से अपने नुकसान का विवरण दर्ज करा सकें।
इन जिलों के किसानों ने किया आवेदन
क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अलग-अलग जिलों के किसानों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया है। सिरसा जिले के 30 गांवों और करनाल के 21 गांवों के किसानों ने सबसे अधिक संख्या में आवेदन किया है। इसके अलावा सोनीपत के 14, कुरुक्षेत्र के 13, पानीपत और हिसार के 11-11 गांवों के किसानों ने भी नुकसान का ब्योरा दर्ज कराया है। फतेहाबाद के 10 गांवों के साथ-साथ यमुनानगर और जींद के 8-8 गांवों के किसान भी इस प्रक्रिया में शामिल हुए हैं। झज्जर के 4, दादरी के 3, हांसी के 2 और भिवानी के 1 गांव के किसानों ने भी मुआवजे के लिए आवेदन किया है।
8 मई को मिलेगा मुआवजा
राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल ने जानकारी दी है कि 8 मई को मुख्यमंत्री द्वारा किसानों के बैंक खातों में मुआवजे की राशि ट्रांसफर की जाएगी। सरकार का यह कदम किसानों को आर्थिक राहत देने और उनकी नुकसान की भरपाई करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।










