Haryana News: हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, अब राशन डिपो पर तेल नहीं, खातों में आएंगे पैसे

हरियाणा के करीब 39.89 लाख बीपीएल परिवारों को अब राशन डिपो से दो लीटर सरसों तेल की जगह नकद राशि मिलेगी।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 10, 2026

Haryana News: हरियाणा के राशन कार्ड धारकों और बीपीएल परिवारों के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। अब प्रदेश के गरीब और पात्र परिवारों को राशन डिपो के माध्यम से दो लीटर सरसों का तेल नहीं दिया जाएगा। इसके स्थान पर सरकार ने डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में 250 रुपये भेजने का निर्णय लिया है। अगस्त 2026 से लागू होने वाली इस नई व्यवस्था का सीधा लाभ हरियाणा के लगभग 39.89 लाख बीपीएल (Below Poverty Line) परिवारों को मिलेगा। हालांकि, अभी लाभार्थियों के खातों में पैसे ट्रांसफर होने शुरू नहीं हुए हैं और अधिकारियों के अनुसार 15 अगस्त के बाद भुगतान प्रक्रिया शुरू होने की पूरी संभावना है।

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क्यों बदला गया नियम? और क्या है वित्तीय गणित?

अब तक व्यवस्था यह थी कि लाभार्थियों को राशन डिपो से प्रति माह दो लीटर कच्ची घानी सरसों का तेल मात्र 100 रुपये में मिलता था, जबकि खुले बाजार में इसी तेल की कीमत लगभग 280 से 400 रुपये तक है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, इस बदलाव के पीछे मुख्य कारण ‘हैफेड’ (HAFED) के पास सरसों के तेल की उपलब्धता का कम होना है।

कम स्टॉक और आपूर्ति में आ रही बाधाओं को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। फिलहाल लाभार्थियों को 250 रुपये प्रति माह देने का निर्णय लिया गया है, लेकिन सरकार भविष्य में इस सहायता राशि को 250 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये करने पर भी गंभीरता से विचार कर रही है, ताकि बढ़ती महंगाई के दौर में गरीब परिवारों को और अधिक राहत मिल सके।

कब-कब हुए बदलाव?

हरियाणा में बीपीएल परिवारों के लिए मिलने वाले सरसों के तेल के वितरण का नियम पहले भी कई बार बदला जा चुका है:

वर्ष 2018: इस योजना के तहत शुरुआत में राशन डिपो से प्रति परिवार एक लीटर तेल देना शुरू किया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर दो लीटर कर दिया गया।

वर्ष 2021: तेल की आपूर्ति बाधित होने पर सरकार ने पहली बार दो लीटर तेल के बदले सीधे खातों में 250 रुपये भेजने की व्यवस्था लागू की थी।

वर्ष 2022 से 2024: कुछ समय बाद इस व्यवस्था को फिर बदला गया और डिपुओं के माध्यम से दोबारा तेल का वितरण शुरू कर दिया गया, जो साल 2024 तक लगातार जारी रहा।

अगस्त 2026: अब एक बार फिर व्यवस्था में परिवर्तन करते हुए अगस्त 2026 से नकद भुगतान (Direct Cash Transfer) की पुरानी प्रणाली को वापस लाया गया है।

डिपुओं पर फंसा पुराना स्टॉक और डिपो संचालकों की चिंता

भले ही सरकार ने अगस्त से नकद भुगतान की नई व्यवस्था लागू कर दी है, लेकिन इसके बावजूद राज्य के राशन डिपुओं पर अभी भी पुराने तेल का काफी स्टॉक बचा हुआ है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, प्रदेशभर के 7,411 राशन डिपुओं पर लगभग 20 लाख लीटर सरसों का तेल अभी भी मौजूद है। इतना ही नहीं, जुलाई महीने का कोटा भी कई जिलों में लाभार्थियों तक नहीं पहुंच पाया है। सरकार की ओर से डिपो संचालकों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे बचा हुआ पुराना स्टॉक वितरित करें।

इस मामले पर ऑल राशन डिपो होल्डर वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के मीडिया प्रभारी गुरतेज सिंह सोढ़ी ने चिंता जाहिर करते हुए बताया कि पिछली बार भी जब नकद भुगतान शुरू हुआ था, तो डिपुओं पर तेल का पुराना स्टॉक करीब आठ महीने तक यूं ही पड़ा रहा था। बाद में सरकार को डिपो संचालकों को अतिरिक्त कमीशन देकर उस स्टॉक का निपटारा कराना पड़ा था। देखना यह होगा कि इस बार इस बचे हुए 20 लाख लीटर तेल के स्टॉक का निस्तारण किस प्रकार किया जाता है।

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