Haryana News: हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने राज्य के सवा लाख से अधिक संविदा (कच्चे) कर्मचारियों के हित में अपने बड़े एक्शन प्लान पर तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। सरकार द्वारा बनाए गए ‘हरियाणा संविदा कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) नियम’ को जमीनी स्तर पर पूरी तरह लागू करने के लिए प्रशासनिक अमले को सख्त गाइडलाइंस जारी की गई हैं। इस नई नीति के तहत सभी पात्र संविदा कर्मचारियों के दस्तावेजी रिकॉर्ड का डिजिटल सत्यापन (वेरिफिकेशन) करने और उन्हें औपचारिक ‘ऑफर लेटर’ सौंपने की आखिरी तारीख 15 अगस्त तय की गई है। सूबे के मानव संसाधन विभाग (HRD) ने इस पूरी कवायद को लेकर राज्य के सभी विभागों, बोर्डों, निगमों और सरकारी प्राधिकरणों से तत्काल प्रगति रिपोर्ट मांगी है।
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राजेश खुल्लर की अध्यक्षता में हाई-लेवल मीटिंग, प्रतिनिधि भेजने पर पाबंदी
इस महत्वाकांक्षी योजना को तय समय सीमा के भीतर पूरा कराने के लिए राज्य सरकार का शीर्ष नेतृत्व बेहद गंभीर नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर की अध्यक्षता में पंचकूला स्थित पीडब्ल्यूडी (PWD) विश्राम गृह में एक हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग बुलाई गई है। मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी किए गए आधिकारिक पत्र के मुताबिक, इस समीक्षा बैठक में राज्य के सभी विभागाध्यक्षों, बोर्डों और निगमों के प्रमुखों को व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहने का आदेश दिया गया है। सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि बैठक में किसी भी विभाग प्रमुख की जगह उनके प्रतिनिधि या किसी जूनियर अधिकारी को शामिल होने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान हरियाणा नॉलेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HKCL) की तकनीकी टीम द्वारा नवनिर्मित ‘सेवा सुरक्षा पोर्टल’ का लाइव प्रदर्शन (डेमो) किया जाएगा। जिन विभागों ने अब तक इस विशेष पोर्टल पर अपने अधीन काम करने वाले कच्चे कर्मचारियों का डेटा अपलोड करना और उनका वेरिफिकेशन शुरू नहीं किया है, उन्हें तत्काल प्रभाव से इस कार्य को अमलीजामा पहनाने की हिदायत दी गई है। पोर्टल के जरिए डेटा वेरिफाई होते ही पात्र कर्मचारियों को डिजिटल ऑफर लेटर जारी करने का रास्ता साफ हो जाएगा।
सेवा सुरक्षा नीति के तहत कर्मचारियों को मिलने वाले मुख्य लाभ
सरकार की इस ऐतिहासिक नीति से प्रदेश के सवा लाख से अधिक परिवारों को सीधा फायदा पहुंचने वाला है। नए नियमों के तहत मिलने वाले मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:
58 वर्ष तक नौकरी की सुरक्षा: जिन संविदा कर्मचारियों ने 15 अगस्त 2024 से पहले अपनी 5 साल की सेवा पूरी कर ली है, उनकी नौकरी अब 58 वर्ष की सेवानिवृत्ति आयु तक पूरी तरह सुरक्षित कर दी जाएगी।
वेतन में भारी बढ़ोतरी: संविदा कर्मचारियों को अब नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर तय न्यूनतम पे-स्केल से उनके अनुभव के आधार पर 5% से लेकर 15% तक अधिक वेतन का लाभ मिलेगा।
सालाना इंक्रीमेंट और भत्ते: इन कर्मचारियों को हर साल नियमित तौर पर वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट), डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्युटी और महिला कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश (मेटरनिटी लीव) की सुविधा दी जाएगी।
मुफ्त स्वास्थ्य लाभ: सभी पात्र कर्मियों को सरकार की ‘चिरायु योजना’ के अंतर्गत कैशलेस और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
पॉलिसी के दायरे से बाहर: सरकार ने यह भी साफ किया है कि जिन संविदा कर्मचारियों का मासिक वेतन 50,000 रुपये से अधिक है या जो केंद्र सरकार की स्पॉन्सर्ड (प्रायोजित) योजनाओं के तहत काम कर रहे हैं, उन्हें इस विशिष्ट पॉलिसी के दायरे से बाहर रखा गया है।
15 दिनों के भीतर करना होगा शिकायतों का निपटारा
कर्मचारियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए सरकार ने रिकॉर्ड सत्यापन और डेटा कंपाइलेशन के दौरान आने वाली तकनीकी या प्रशासनिक दिक्कतों के समाधान के लिए विशेष निवारण समितियों का गठन किया है। यदि किसी कर्मचारी को अपने डेटा को लेकर कोई आपत्ति या शिकायत है, तो ये समितियां अनिवार्य रूप से 15 दिनों के भीतर उसका निपटारा करेंगी। सरकार का मुख्य लक्ष्य यही है कि आगामी स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के पावन अवसर तक सभी पात्र कच्चे कर्मचारियों को उनके हक के ऑफर लेटर सौंपकर उनका भविष्य सुरक्षित कर दिया जाए।
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