Haryana News: हरियाणा में लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी इलाकों से आने वाले पानी के कारण संभावित बाढ़ और जलभराव की आशंका बढ़ गई है। स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सभी जिलों के उपायुक्तों (डीसी) और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग पूरी तरह तैयार रहें। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा और राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
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हर जिले में जारी होगा टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर
मुख्यमंत्री ने सभी जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि नागरिकों की सुविधा के लिए प्रत्येक जिले में एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाए। इस हेल्पलाइन के माध्यम से लोग जलभराव, बाढ़, सड़क बंद होने या अन्य आपात स्थितियों की जानकारी तुरंत प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे।
उन्होंने कहा कि शिकायत मिलते ही संबंधित विभाग बिना देरी किए मौके पर पहुंचे और समस्या का जल्द समाधान सुनिश्चित करें। सरकार का उद्देश्य यह है कि आपदा के समय आम लोगों को तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में छुट्टियों पर लगी सख्ती
इस बीच सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी ने भी विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ नियंत्रण व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका अधिक है, वहां तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां फिलहाल नियंत्रित रहेंगी। मंत्री ने निर्देश दिए कि ऐसे कर्मचारियों को बिना उनकी पूर्व अनुमति के अवकाश नहीं दिया जाएगा। उनका कहना था कि राहत एवं बचाव कार्यों के दौरान सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी जरूरी है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
जल निकासी व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जिला प्रशासन को जल निकासी व्यवस्था की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर हर साल जलभराव की समस्या होती है, उनकी पहले से पहचान कर आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बारिश रुकने के बाद प्रभावित इलाकों से जल्द से जल्द पानी निकालने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े और सामान्य जनजीवन जल्द बहाल हो सके।
सभी विभागों को मिलकर काम करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, शहरी स्थानीय निकाय, राजस्व विभाग, पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। यदि सभी एजेंसियां मिलकर कार्य करेंगी तो राहत एवं बचाव अभियान अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा।
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लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
राज्य सरकार ने साफ किया है कि बाढ़ नियंत्रण और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। सरकार का कहना है कि प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा, त्वरित राहत और संभावित नुकसान को कम करना है। इसी उद्देश्य से प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह सतर्क रहने और हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।










