Punjab News: पंजाब सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कई बड़े और महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी कड़ी में आज राज्य की महिलाओं के लिए एक बहुत ही बड़ा दिन है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आज गोइंदवाल साहिब में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत महिलाओं को सम्मान राशि की तीसरी किस्त जारी करने जा रहे हैं। सरकार के इस कदम से लाखों महिलाओं को सीधा आर्थिक लाभ पहुंचेगा। आइए इस योजना, इसके तहत मिलने वाली राशि और सरकार के इस बड़े फैसले के विभिन्न पहलुओं को विस्तार से समझते हैं।
UP Politics: Congress में बड़े बदलाव की तैयारी, UP-Punjab में नए चेहरों पर मंथन
तीसरी किस्त में 36 लाख से अधिक महिलाओं को मिलेगा लाभ

आज जारी होने वाली इस तीसरी किस्त के माध्यम से राज्य की कुल 36 लाख 87 हजार 677 महिलाओं को सीधा फायदा मिलेगा। पंजाब सरकार इन सभी पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से कुल 1,262 करोड़ 54 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर करेगी। सरकार की यह कोशिश है कि सहायता राशि बिना किसी बिचौलिए के सीधे और पारदर्शी तरीके से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों तक पहुंचे, जिससे प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनी रहे।
अब तक का कुल वित्तीय वितरण और योजना का दायरा
मान सरकार द्वारा शुरू की गई ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ महिलाओं के बीच बेहद लोकप्रिय और लाभकारी साबित हो रही है। इस योजना के पिछले आंकड़ों पर अगर नजर डालें, तो सरकार अब तक कुल 73 लाख 99 हजार महिलाओं को इसका लाभ पहुंचा चुकी है। इससे पहले वितरित की गई दो किस्तों के दौरान इन महिलाओं के खातों में कुल 2,562 करोड़ 33 लाख रुपये की सम्मान राशि सफलतापूर्वक ट्रांसफर की जा चुकी है। अब आज तीसरी किस्त जुड़ने के बाद यह आंकड़ा और भी बड़ा हो जाएगा, जो महिला कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को साफ तौर पर दर्शाता है।
श्रेणी के आधार पर तय की गई है सम्मान राशि

इस योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाली राशि उनकी सामाजिक श्रेणी के आधार पर निर्धारित की गई है ताकि जरूरतमंदों को उचित सहायता मिल सके। इस वर्ग के अंतर्गत आने वाली पात्र महिलाओं को योजना के तहत 3,000 रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाती है। इस वर्ग से जुड़ी महिलाओं को विशेष सहायता के रूप में 4,500 रुपये की सम्मान राशि दी जाती है।
महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल
यह योजना केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की महिलाओं के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और उन्हें समाज में एक मजबूत पहचान दिलाने का एक सशक्त माध्यम है। वित्तीय रूप से स्वतंत्र होने पर महिलाएं अपने परिवार और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए खुद निर्णय ले सकती हैं। मान सरकार का मुख्य उद्देश्य आने वाले समय में अधिक से अधिक महिलाओं को इस योजना के दायरे में लाना है, ताकि पंजाब की हर पात्र महिला को इसका पूरा लाभ मिल सके और वे आत्मनिर्भर बन सकें।
Punjab News: ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ का समापन, अमित शाह ने भगवंत मान सरकार को घेरा










