Punjab News: पंजाब में नशे की समस्या को लेकर भारतीय जनता पार्टी की ओर से शुरू की गई 13 दिवसीय ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ का बुधवार को जालंधर में समापन हुआ। जालंधर के परागपुर गांव में आयोजित समापन समारोह और जनसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं और लोगों को संबोधित करते हुए पंजाब में नशे के खिलाफ पार्टी की रणनीति और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपना एजेंडा सामने रखा।
अमित शाह का पंजाब में नशे के खिलाफ बड़ा ऐलान

बताते चले कि, अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि पंजाब के सामने किसानों, कानून-व्यवस्था, उद्योग और महिलाओं की सुरक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में पंजाब को नशा मुक्त बनाने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगी। अमित शाह ने कहा कि राज्य में नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की जरूरत है और भाजपा सत्ता में आने पर इस दिशा में कठोर कदम उठाएगी।
भगवंत मान सरकार पर सिंथेटिक ड्रग्स को लेकर हमला
केंद्रीय गृह मंत्री ने भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में सिंथेटिक ड्रग्स और चिट्टे का अवैध कारोबार बढ़ा है। अमित शाह ने पंजाब सरकार को घेरते हुए कहा कि नशे के नेटवर्क को खत्म करने के लिए प्रभावी और कठोर कार्रवाई जरूरी है। हालांकि, सरकार और आम आदमी पार्टी की ओर से इन आरोपों पर अलग प्रतिक्रिया हो सकती है।
31 दिसंबर 2029 तक ड्रग्स नेटवर्क खत्म करने का दावा
अमित शाह ने जनसभा में भाजपा की सरकार बनने की स्थिति में 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब से सिंथेटिक ड्रग्स के नेटवर्क को खत्म करने का लक्ष्य बताया। उन्होंने कहा कि यदि पंजाब की जनता भाजपा को सरकार बनाने का अवसर देती है तो नशे के कारोबार के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाएगा। शाह ने इसे पंजाब को ड्रग्स से मुक्त करने की दिशा में एक निश्चित समयसीमा वाला संकल्प बताया।
आतंकवाद और नक्सलवाद के बाद अब पंजाब में नशे के खिलाफ लड़ाई

अपने भाषण में अमित शाह ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने कश्मीर में आतंकवाद और देश के विभिन्न हिस्सों में नक्सलवाद की चुनौती से निपटने के लिए काम किया है। उन्होंने पूर्वोत्तर में शांति स्थापित करने के प्रयासों का भी जिक्र किया। इसी क्रम में शाह ने कहा कि अब पंजाब को नशे के जाल से मुक्त कराने के लिए निर्णायक अभियान चलाने का समय है।
18 सितंबर को पठानकोट से शुरू हुई थी नशा मुक्त यात्रा
भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ की शुरुआत 18 सितंबर को पठानकोट से हुई थी। पार्टी के अनुसार, ‘भाजपा का नारा, नशा खत्म करना है सारा’ संदेश के साथ शुरू की गई इस यात्रा का उद्देश्य पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचकर नशे के खिलाफ जागरूकता और राजनीतिक अभियान को मजबूत करना था। यात्रा के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में कार्यक्रम किए।
चार यात्राओं ने पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों को किया कवर
यात्रा प्रभारी राजेश बाघा के मुताबिक, पठानकोट, फतेहगढ़ साहिब, तलवंडी साबो और फाजिल्का से चार अलग-अलग यात्राएं निकाली गईं। इन यात्राओं के जरिए पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों को कवर करने का दावा किया गया। भाजपा के अनुसार, इस दौरान लगभग 4,000 किलोमीटर की दूरी तय की गई और नशे के खिलाफ पार्टी के अभियान को राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाया गया।
जालंधर से भाजपा ने दिया पंजाब चुनाव को लेकर सियासी संदेश

जालंधर के परागपुर गांव में यात्रा के समापन के मौके पर आयोजित जनसभा को भाजपा ने आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों से भी जोड़ा। अमित शाह के संबोधन में नशे के मुद्दे को प्रमुखता मिलने से यह संकेत मिला कि भाजपा पंजाब में ड्रग्स और नशा मुक्ति को चुनावी अभियान के महत्वपूर्ण मुद्दों में शामिल कर रही है। अब देखना होगा कि आने वाले समय में इस मुद्दे पर राज्य की अन्य राजनीतिक पार्टियां किस तरह अपनी रणनीति सामने रखती हैं।










