Haryana News: हरियाणा सरकार ने स्वामित्व और लाल डोरा से जुड़े विवादों के निपटान की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब इन मामलों की जिम्मेदारी पंचायत विभाग के अधिकारियों से हटाकर राजस्व विभाग को सौंप दी गई है। इसके तहत तहसीलदार और नायब तहसीलदार अब इन विवादों का निपटारा करेंगे। पहले यह कार्य जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (DDPO) और खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO) के अधीन था।
इस बदलाव को लेकर विकास एवं पंचायती राज विभाग के निदेशालय ने राज्य के सभी उपायुक्तों को निर्देश जारी कर दिए हैं। नए आदेशों के अनुसार, अब लाल डोरा और स्वामित्व से जुड़े सभी मामलों को राजस्व विभाग के अधिकारी ही देखेंगे, जिससे प्रक्रिया अधिक प्रभावी और तेज हो सकेगी।
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पुराने सिस्टम में देरी बनी थी बड़ी समस्या
सरकार के इस फैसले के पीछे मुख्य कारण पहले की व्यवस्था में आ रही देरी और स्पष्ट दिशा-निर्देशों की कमी को बताया जा रहा है। विभागीय स्तर पर यह पाया गया कि पंचायत अधिकारियों के पास इन मामलों को सुलझाने के लिए पर्याप्त नियम और स्पष्ट प्रक्रिया नहीं थी, जिसके कारण विवादों का निपटारा समय पर नहीं हो पा रहा था।
स्वामित्व से जुड़े मामलों में लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था, जिससे आम नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। कई मामलों में शिकायतें लंबित रह जाती थीं और समाधान में अनावश्यक विलंब होता था।
नई व्यवस्था से तेज होगा विवादों का निपटारा
सरकार को उम्मीद है कि अब जब इन मामलों की जिम्मेदारी राजस्व विभाग को दी गई है, तो विवादों का निपटारा अधिक तेजी और पारदर्शिता के साथ किया जा सकेगा। तहसीलदार और नायब तहसीलदार प्रशासनिक और कानूनी मामलों में अधिक अनुभवी होते हैं, जिससे स्वामित्व संबंधी विवादों को सुलझाने में आसानी होगी।
नए निर्देशों के अनुसार, नायब तहसीलदार (द्वितीय श्रेणी) और तहसीलदार (प्रथम श्रेणी) इन मामलों की सुनवाई और समाधान की जिम्मेदारी संभालेंगे। इससे निर्णय प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित होगी।
प्रशासनिक सुधार की दिशा में कदम
यह कदम हरियाणा सरकार के प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे न केवल विवादों का तेजी से निपटारा होगा, बल्कि लोगों का भरोसा भी सरकारी व्यवस्था पर बढ़ेगा। विकास एवं पंचायती राज विभाग के निदेशक अनीश यादव के कार्यालय से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि अब सभी जिला उपायुक्त इस नई व्यवस्था को तुरंत लागू करें और सुनिश्चित करें कि स्वामित्व एवं लाल डोरा से जुड़े मामलों का निपटारा तय नियमों के अनुसार समय पर किया जाए।









