Haryana News: लावारिस कुत्तों की समस्या पर एक्शन मोड में सरकार, अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

हरियाणा सरकार ने लावारिस कुत्तों की समस्या के समाधान हेतु अधिकारियों की जवाबदेही तय कर दी है। अब किसी भी शिकायत का निपटारा अधिकतम 30 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से करना होगा।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 30, 2026

Haryana News: हरियाणा में लावारिस कुत्तों की बढ़ती समस्या ने अब एक गंभीर प्रशासनिक मोड़ ले लिया है। आमजन की सुरक्षा और सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने इस दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। अब लावारिस कुत्तों से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए न केवल स्पष्ट नियम बनाए गए हैं, बल्कि संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय कर दी गई है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, अब किसी भी शिकायत का निपटारा अधिकतम 30 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से करना होगा।

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शिकायतों का पदानुक्रम और निवारण तंत्र

सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए एक त्रि-स्तरीय शिकायत निवारण प्रणाली विकसित की है, ताकि आम नागरिक अपनी बात सही मंच तक पहुँचा सकें:

नगर निगम क्षेत्र: यदि समस्या नगर निगम के दायरे में है, तो नागरिक सबसे पहले मुख्य सफाई निरीक्षक (Chief Sanitary Inspector) के पास अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यदि वहां समाधान नहीं होता है या शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं है, तो वह पहली अपील संयुक्त आयुक्त (Joint Commissioner) के समक्ष कर सकता है। इसके बाद, द्वितीय अपील नगर निगम आयुक्त (Municipal Commissioner) के समक्ष की जा सकेगी।

नगर परिषद क्षेत्र: नगर परिषद से संबंधित शिकायतों के लिए सफाई निरीक्षक (Sanitary Inspector) को शिकायत दी जाएगी। असंतोष की स्थिति में प्रथम अपील कार्यकारी अधिकारी (Executive Officer) के पास और द्वितीय अपील जिला नगर आयुक्त (District Municipal Commissioner) के पास की जा सकती है।

नगर पालिका क्षेत्र: नगर पालिका के मामलों में पहले सफाई निरीक्षक को शिकायत देनी होगी। सुनवाई न होने या असंतोष होने पर प्रथम अपील नगर पालिका सचिव (Secretary) के पास और द्वितीय अपील जिला नगर आयुक्त के समक्ष होगी।

यह स्पष्ट संरचना सुनिश्चित करती है कि यदि कोई अधिकारी समय पर कार्रवाई नहीं करता है, तो नागरिक उच्च अधिकारियों के पास जाकर न्याय की मांग कर सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अनुपालन

यह कदम महज एक प्रशासनिक पहल नहीं है, बल्कि यह सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्देशों का भी हिस्सा है। सुप्रीम कोर्ट ने देश भर के राज्यों को लावारिस कुत्तों की समस्या को लेकर सख्त कदम उठाने और एक व्यवस्थित तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए थे। हरियाणा सरकार ने उसी दिशा में आगे बढ़ते हुए इस समयबद्ध निपटान नीति को लागू किया है।

जवाबदेही और भविष्य की राह

इस नई अधिसूचना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू ’30 दिनों की समय-सीमा’ है। अब अधिकारियों के लिए शिकायत को नजरअंदाज करना संभव नहीं होगा। सरकार की इस नीति का मुख्य उद्देश्य लावारिस कुत्तों के कारण बढ़ रही घटनाओं को कम करना और शहरों में स्वच्छता व सुरक्षा का वातावरण बनाना है।

अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होने से न केवल शिकायतों का निस्तारण गति पकड़ेगा, बल्कि कार्यप्रणाली में पारदर्शिता भी आएगी। सरकार की यह कोशिश एक ऐसी व्यवस्था खड़ी करने की है, जहाँ आम जनता खुद को सुरक्षित महसूस करे और प्रशासनिक सुस्ती के कारण किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े। यह नीति राज्य में पशु नियंत्रण प्रबंधन के लिए एक नया ‘ब्लूप्रिंट’ साबित होगी।

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