Haryana News: हरियाणा में रेलवे के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एक ऐतिहासिक दौर शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में प्रदेश में रेलवे आधुनिकीकरण की व्यापक योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत हरियाणा के 34 रेलवे स्टेशनों को विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। इन परियोजनाओं पर कुल 1149 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी, जो राज्य के परिवहन और व्यापारिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल देगी।
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स्टेशनों का आधुनिकीकरण
मुख्यमंत्री ने कालका और नरवाना रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकसित स्वरूप का उद्घाटन करते हुए कहा कि अब रेलवे स्टेशन केवल आवाजाही का माध्यम नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन के प्रवेश द्वार बन रहे हैं। मंडी डबवाली, होडल और जींद स्टेशनों को पहले ही ‘अमृत रेलवे स्टेशन’ के रूप में विकसित किया जा चुका है। प्रदेश में रेलवे के प्रति सरकार की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2014 में हरियाणा का रेल बजट मात्र 315 करोड़ रुपये था, जो अब 2026-27 में बढ़कर 3566 करोड़ रुपये हो गया है। यह लगभग 11 गुना की वृद्धि रेलवे के प्रति केंद्र और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
15 हजार करोड़ की 9 परियोजनाएं और हाइड्रोजन ट्रेन का तोहफा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हरियाणा को 15 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली 9 प्रमुख रेल परियोजनाएं समर्पित की गई हैं। इसमें देश की पहली ‘हाइड्रोजन ट्रेन’ भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 12 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न रेल परियोजनाओं पर युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। साथ ही, हरियाणा की 1574 किलोमीटर लंबी सभी रेलवे लाइनों का 100% विद्युतीकरण पूरा हो चुका है, जो पर्यावरण संरक्षण और तेज रेल परिवहन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
कनेक्टिविटी और सुरक्षा में अभूतपूर्व सुधार
हरियाणा में अब रेल सेवाओं का विस्तार तीव्र गति से हो रहा है। आज राज्य से होकर 8 वंदे भारत एक्सप्रेस और 2 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें गुजर रही हैं। मुख्यमंत्री ने पिछले 12 वर्षों के ‘रिपोर्ट कार्ड’ को साझा करते हुए बताया कि सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 33 रेलवे ओवरब्रिज और 139 अंडरब्रिज का निर्माण किया गया है, जबकि 123 मानवरहित रेलवे फाटकों को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
रोहतक-महम-हांसी और सोनीपत-जींद रेलवे लाइन के अलावा रोहतक और कुरुक्षेत्र में बनी देश की पहली एलिवेटेड रेलवे लाइनें विकास की नई सोच को बयां करती हैं। विशेष रूप से ‘हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर’ परियोजना आने वाले समय में पलवल, सोहना, मानेसर और खरखौदा जैसे औद्योगिक शहरों के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगी। यह महत्वाकांक्षी कॉरिडोर उद्योग, निवेश और रोजगार के लिए एक नया गलियारा (Corridor) तैयार करेगा, जो हरियाणा को देश के सबसे आधुनिक राज्यों की श्रेणी में मजबूती से स्थापित करेगा। यह विकास यात्रा न केवल समय की बचत कर रही है, बल्कि प्रदेश के औद्योगिक भविष्य को भी सुरक्षित कर रही है।
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