Haryana News: जमीन के बदले 4 गुना जमीन, हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला

हरियाणा सरकार की नई नीति के तहत अब निजी परियोजनाओं को शामलात देह जमीन से रास्ता मिल सकेगा। हालांकि जमीन पर पंचायत का अधिकार बना रहेगा और आम लोग भी इसका उपयोग कर सकेंगे।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मई 14, 2026

Haryana News: हरियाणा सरकार ने राज्य में बुनियादी ढांचे और निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक नीतिगत बदलाव किया है। नई नीति के तहत, अब निजी परियोजनाओं (Private Projects) के लिए ग्राम पंचायत की ‘शामलात देह’ (साझा जमीन) से रास्ता देने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। यह फैसला उन निवेशकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है जिनके प्रोजेक्ट्स केवल सड़क या पहुंच मार्ग (Access Road) न होने के कारण वर्षों से अटके हुए थे।

विकास और पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेन्द्र कुमार द्वारा हरियाणा ग्राम साझा भूमि (विनियमन) संशोधन नियम की अधिसूचना जारी कर दी गई है।

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नीति की मुख्य शर्तें

सरकार ने रास्ता देने की प्रक्रिया को पारदर्शी और लोकतांत्रिक रखा है। किसी भी निजी प्रोजेक्ट को रास्ता तभी मिलेगा जब ग्रामीण स्तर पर भारी बहुमत से इसकी अनुमति दी जाएगी। ग्राम पंचायत के कम से कम तीन-चौथाई सदस्यों को इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति देनी होगी। पंचायत के साथ-साथ ग्राम सभा के 66 प्रतिशत सदस्यों की मंजूरी भी अनिवार्य की गई है, ताकि गांव के आम जनमानस की राय इसमें शामिल रहे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रास्ता दिए जाने के बावजूद उस भूमि पर मालिकाना हक पंचायत का ही रहेगा। इसका उपयोग आम ग्रामीण भी सामान्य रास्ते की तरह कर सकेंगे।

मुआवजा नीति

सरकार ने ग्राम पंचायतों के हितों की रक्षा के लिए मुआवजे की शर्तें काफी सख्त और लाभकारी रखी हैं। निजी निवेशकों को रास्ता प्राप्त करने के बदले में निम्नलिखित में से जो भी अधिक हो, वह सरकार/पंचायत को देना होगा। रास्ते के लिए जितनी जमीन ली जा रही है, उसकी 4 गुना भूमि का स्वामित्व अधिकार निवेशक को सरकार या पंचायत को सौंपना होगा। यदि जमीन कम है, तो निवेशक को अपनी पूरी परियोजना स्थल के 5 प्रतिशत हिस्से का मालिकाना हक देना पड़ सकता है। यह प्रावधान सुनिश्चित करता है कि पंचायतों के पास संसाधनों की कमी न हो और विकास के बदले उन्हें भविष्य के लिए कीमती भूमि प्राप्त हो।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था और विकास पर प्रभाव

इस नई नीति के लागू होने से हरियाणा के ग्रामीण इलाकों में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। कई ऐसे रियल एस्टेट, वेयरहाउसिंग या इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स थे जो मुख्य सड़क से सीधे न जुड़े होने के कारण बंद पड़े थे। अब उन्हें कानूनी रूप से रास्ता मिल सकेगा। मुआवजे में मिलने वाली 4 गुना जमीन से पंचायतों की आय बढ़ेगी। इस भूमि का उपयोग भविष्य में स्कूल, अस्पताल, खेल के मैदान या अन्य सामुदायिक केंद्रों के निर्माण के लिए किया जा सकेगा। जब निजी परियोजनाएं शुरू होंगी, तो स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और बुनियादी ढांचा (Infrastructure) मजबूत होगा।

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