Haryana News: हरियाणा सरकार ने राज्य के नागरिकों को मिलावटी, दूषित और घटिया खाद्य पदार्थों के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए एक बेहद क्रांतिकारी और महत्वपूर्ण पहल की है। अक्सर त्योहारों या आम दिनों में खाने-पीने की चीजों में मिलावट की शिकायतें सामने आती हैं, जिनकी जांच कराने के लिए लोगों को लंबी प्रक्रियाओं और लैब के चक्कर काटने पड़ते थे। लेकिन अब हरियाणा वासियों को इस समस्या से निजात मिलने वाली है। राज्य सरकार की इस नई व्यवस्था के तहत अब बेहद मामूली शुल्क पर घर-द्वार पर ही खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता की जांच संभव हो सकेगी।
Haryana News: भारतीय रेलवे की ग्रीन क्रांति! हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना के परीक्षण का बड़ा अपडेट
मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब की सौगात
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने इस योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस अनूठी पहल का मुख्य उद्देश्य आम जनता को मिलावटी खाद्य पदार्थों से सुरक्षित रखना और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को प्रशासनिक स्तर पर और अधिक मजबूत बनाना है।
घर-द्वार पर मिलेगी सुविधा: अब लोगों को अपनी रसोई की चीजों या बाजार से लाई गई खाद्य सामग्री की शुद्धता परखने के लिए किसी प्रयोगशाला (लैब) के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
महज 20 रुपये में जांच: नागरिक मात्र 20 रुपये का मामूली शुल्क देकर अपनी खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता की सटीक जांच करवा सकते हैं।
मोबाइल वैन की पहुंच: स्वास्थ्य विभाग की विशेष ‘मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब’ वैन बाजारों, शैक्षणिक संस्थानों (स्कूलों और कॉलेजों), मेलों और विशेष रूप से आयोजित होने वाले जांच अभियानों के दौरान सीधे मौके पर पहुंचकर खाद्य नमूनों की तुरंत जांच करेंगी। इससे आम लोग अपने घर के आसपास ही इन सेवाओं का आसानी से लाभ उठा सकेंगे।
त्योहारों के मद्देनजर विशेष जांच अभियान
त्योहरों के सीजन, विशेषकर तीज और रक्षाबंधन के पावन पर्व के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग ने अपनी गतिविधियों को काफी तेज कर दिया है। त्योहारी सीजन में मिठाइयों और विशेष खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका सबसे अधिक होती है, जिसे ध्यान में रखते हुए विभाग ने बाजारों में बिकने वाले घेवर और फिरनी की विशेष जांच शुरू कर दी है।
नमूने एकत्र करने की कार्रवाई
जांच के आंकड़े: हाल ही में चलाए गए विशेष अभियान (6 जुलाई से 2 अगस्त के बीच) के दौरान प्रदेशभर से कुल 122 खाद्य नमूने एकत्रित किए गए थे। इनमें से अब तक जितने नमूनों की प्रयोगशाला में जांच पूरी हो चुकी है, उनमें से अधिकांश यानी 15 नमूने खाद्य सुरक्षा मानकों के बिल्कुल अनुरूप (शुद्ध) पाए गए हैं, जबकि 3 नमूने गुणवत्ता के पैमाने पर फेल हो गए हैं।
निरंतर प्रक्रिया: विभाग के अनुसार, बाकी बचे हुए शेष नमूनों की गहन जांच अभी भी जारी है, और मानक तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा को लेकर सरकार का कड़ा रुख
हरियाणा सरकार की यह जन-कल्याणकारी पहल न केवल आम उपभोक्ताओं को जागरूक करेगी, बल्कि मिलावटखोरों के मन में भी खौफ पैदा करेगी। इस व्यवस्था के लागू होने से लोग अब अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक आश्वस्त हो सकेंगे। सरकार का यह कदम राज्य के हर नागरिक को शुद्ध भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक और मील का पत्थर साबित हो रहा है।










