Haryana News: जापान में हरियाणा के युवाओं को रोजगार, इन सेक्टर्स में होगी भर्ती

जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (YMCA), फरीदाबाद ने भारत-जापान के बीच तकनीकी और शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करने के लिए जापान के फुकुओका प्रीफेक्चर के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की है।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 1, 2026

Haryana News: हरियाणा के युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करियर बनाने का एक ऐतिहासिक अवसर सामने आया है। भारत और जापान के बीच बढ़ते सहयोग को और अधिक मजबूती देते हुए फरीदाबाद स्थित जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (YMCA) ने जापान के फुकुओका प्रीफेक्चर के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। यह मुलाकात न केवल शैक्षणिक सहयोग, बल्कि हरियाणा के कुशल युवाओं को जापान की बड़ी कंपनियों में रोजगार दिलाने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होने वाली है।

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जापान की जरूरतों और हरियाणा की प्रतिभा का मिलन

फुकुओका प्रीफेक्चरल गवर्नमेंट के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के उप महानिदेशक श्री नाकानो शिन्या के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय का दौरा किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच मानव संसाधन आदान-प्रदान और संस्थागत साझेदारी पर विस्तृत चर्चा हुई। जापान को वर्तमान में अपने ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) जैसे क्षेत्रों के लिए बड़ी संख्या में कुशल श्रमबल की आवश्यकता है।

यह पहल जापान सरकार के उस महत्वाकांक्षी लक्ष्य का अभिन्न हिस्सा है, जिसके तहत अगले पांच वर्षों में भारत के 50,000 कुशल पेशेवरों को जापानी उद्योगों में सीधे रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। फरीदाबाद का जे.सी. बोस विश्वविद्यालय अब इस मिशन में हरियाणा के लिए मुख्य ‘हब’ के रूप में काम करने की तैयारी कर रहा है।

‘सेतु’ पहल: प्रतिभा और उद्योग के बीच नया माध्यम

इस साझेदारी को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विश्वविद्यालय ने ‘सेतु’ (STRATEGIC EXCHANGE FOR TALENT AND UNIVERSITY COLLABORATION) नामक एक रणनीतिक प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। इस पहल के माध्यम से विश्वविद्यालय का उद्देश्य हरियाणा को जापान के साथ तकनीकी और औद्योगिक सहयोग का केंद्र बनाना है। इसके तहत निम्नलिखित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा:

प्रतिभा संवर्धन: छात्रों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार तैयार करना।

स्टार्टअप इनक्यूबेशन: नवाचार को बढ़ावा देने के लिए साझा प्रयास।

इंटर्नशिप और प्लेसमेंट: जापानी उद्योगों के साथ सीधा जुड़ाव।

छात्र एवं शिक्षक आदान-प्रदान: तकनीकी ज्ञान और सांस्कृतिक समझ का विस्तार।

तीन-चरणीय विकास मॉडल

विश्वविद्यालय ने एक विशेष ‘थ्री-स्टेज टैलेंट डेवलपमेंट मॉडल’ प्रस्तावित किया है, ताकि युवाओं को जापान में काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार किया जा सके:

प्रथम चरण (इंटर्नशिप): छात्रों को जापानी कार्यसंस्कृति और तकनीकी कौशल से परिचित कराना।

द्वितीय चरण (कॉर्पोरेट नेटवर्किंग): जापानी कंपनियों के साथ नेटवर्किंग और भर्ती प्रक्रिया को सुगम बनाना।

तृतीय चरण (दीर्घकालिक रोजगार): योग्य युवाओं के लिए जापान में स्थायी और उच्च-गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर सुनिश्चित करना।

यह मॉडल न केवल हरियाणा के युवाओं के लिए एक सुरक्षित करियर का मार्ग प्रशस्त करेगा, बल्कि भारत सरकार के ‘स्किल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे राष्ट्रीय उद्देश्यों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगा। इस साझेदारी के बाद अब यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में हरियाणा के इंजीनियरिंग और तकनीकी छात्रों के लिए जापान एक पसंदीदा गंतव्य बनकर उभरेगा।

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