Haryana News: Ambala के नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए आने वाली महिला मरीजों को अब राहत मिलने वाली है। अस्पताल के प्रसूति विभाग और महिला ओपीडी में पिछले कुछ समय से डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। लंबी कतारें, ज्यादा इंतजार और बढ़ते वर्कलोड की वजह से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही थीं।
इसी स्थिति को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने एक अहम फैसला लिया है। वरिष्ठ महिला रोग विशेषज्ञ Dr. Manju को दोबारा बतौर कंसलटेंट नियुक्त किया गया है। डॉ. मंजू अप्रैल महीने में सेवानिवृत्त हो चुकी थीं, लेकिन मरीजों की बढ़ती परेशानियों और विभाग में स्टाफ की कमी को देखते हुए उन्हें फिर से जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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मरीजों को नहीं करना पड़ेगा लंबा इंतजार
डॉ. मंजू ने शुक्रवार से दोबारा अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं। उनके वापस आने से महिला ओपीडी और प्रसूति विभाग में इलाज व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। पिछले दो महीनों से अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही थी, जबकि डॉक्टरों की कमी के कारण सभी मरीजों को समय पर इलाज देना मुश्किल हो रहा था।
अब डॉ. मंजू के दोबारा जुड़ने से ओपीडी में मरीजों की लंबी लाइनें कम होंगी और महिलाओं को जल्दी इलाज मिल सकेगा। अस्पताल प्रशासन का मानना है कि इससे प्रसूति सेवाओं और डिलीवरी विंग को भी मजबूती मिलेगी।
चार डॉक्टरों के भरोसे चल रहा था विभाग
डॉ. मंजू के रिटायर होने के बाद अस्पताल का पूरा प्रसूति विभाग केवल चार महिला डॉक्टरों के भरोसे चल रहा था। इन डॉक्टरों को ओपीडी के साथ-साथ इमरजेंसी ड्यूटी, वार्ड राउंड और भर्ती मरीजों की देखभाल जैसी कई जिम्मेदारियां निभानी पड़ रही थीं।
स्टाफ की कमी के कारण डॉक्टरों पर मानसिक और शारीरिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था। कई बार मरीजों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था, जिससे लोगों में नाराजगी भी देखने को मिल रही थी।
रोजाना सैकड़ों मरीज पहुंचते हैं अस्पताल
अंबाला कैंट और आसपास के कई गांवों की महिलाओं के लिए यह अस्पताल प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र माना जाता है। यहां प्रतिदिन महिला ओपीडी में करीब 250 से 300 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के आने के कारण डॉक्टरों की कमी अस्पताल प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई थी। खासकर गर्भवती महिलाओं और प्रसूति सेवाओं से जुड़ी मरीजों को अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
अधिकारियों के निर्देश पर हुई नियुक्ति
अस्पताल प्रशासन के अनुसार मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उच्च अधिकारियों के निर्देश पर डॉ. मंजू को दोबारा कंसलटेंट के रूप में नियुक्त किया गया है। उनका अनुभव और विशेषज्ञता अस्पताल की सेवाओं को मजबूत बनाने में मदद करेगी। अधिकारियों का कहना है कि डॉ. मंजू के आने से ओपीडी और प्रसूति विभाग दोनों में कार्यभार कम होगा और मरीजों को पहले की तुलना में बेहतर इलाज मिल सकेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं में होगा सुधार
डॉ. मंजू की वापसी से अस्पताल की चरमराई स्वास्थ्य सेवाओं के दोबारा पटरी पर लौटने की उम्मीद जताई जा रही है। मरीजों को अब बेहतर परामर्श, समय पर जांच और उपचार की सुविधा मिलने की संभावना है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी मरीजों की सुविधा के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी तरह की कमी न आए।
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