Haryana News: भलस्वा कचरा पर्वत हटाने का काउंटडाउन शुरू, 15 अक्टूबर तक पूरा होगा मिशन

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने दिल्ली की भलस्वा लैंडफिल साइट का विस्तृत निरीक्षण कर वहां चल रहे सफाई अभियान, लेगेसी वेस्ट प्रोसेसिंग और पुनर्स्थापन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 4, 2026

Haryana News: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को कूड़े के पहाड़ों से मुक्ति दिलाने की दिशा में एक बहुत बड़ी सफलता सामने आ रही है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने दिल्ली की प्रसिद्ध भलस्वा लैंडफिल साइट का विस्तृत निरीक्षण किया और वहां चल रहे सफाई अभियान, लेगेसी वेस्ट (पुराने कचरे) की प्रोसेसिंग और भूमि पुनर्स्थापन के कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि इस विशाल कचरे के पहाड़ को समयसीमा के भीतर पूरी तरह समाप्त करने के लिए सभी कार्य ‘मिशन मोड’ में चलाए जाएं।

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99 लाख मीट्रिक टन से अधिक कचरे का निस्तारण

अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 31 जुलाई 2026 तक भलस्वा लैंडफिल साइट से कुल 99.07 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। यह राजधानी के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण स्वच्छता अभियानों में से एक है। केंद्र और दिल्ली सरकार के समन्वित प्रयासों का परिणाम है कि अब यह ‘कचरा पर्वत’ तेजी से छोटा हो रहा है। सरकार ने शेष बचे लेगेसी वेस्ट को 15 अक्टूबर 2026 तक पूरी तरह समाप्त करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है, जिससे दिल्ली की आबोहवा में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों का इस्तेमाल

निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया गया कि वर्षों पुराने कचरे को आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों के जरिए संसाधित किया जा रहा है। इसके तहत पुराने कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में छांटा जा रहा है। उपयोगी सामग्री को पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) के लिए भेजा जा रहा है, जबकि बाकी अवशेषों का वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण हो रहा है।

साइट के पुनर्स्थापन (रीक्लेमेशन) का कार्य भी साथ-साथ चल रहा है ताकि भविष्य में इस जमीन का उपयोग पर्यावरण के अनुकूल कार्यों के लिए किया जा सके।

पर्यावरण और जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने जोर देकर कहा कि इस पूरी परियोजना में पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। कचरा निस्तारण के दौरान धूल नियंत्रण (Dust Control), दुर्गंध को रोकने, लीचेट (रिसाव) प्रबंधन और वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए अत्याधुनिक व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल कचरा हटाना नहीं, बल्कि भलस्वा के आसपास रहने वाले लाखों नागरिकों को एक स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त वातावरण देना है। इससे स्थानीय लोगों के जनस्वास्थ्य और जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार होगा।

ताजा कचरे के प्रबंधन पर भी विशेष जोर

केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुराने कचरे के साथ-साथ प्रतिदिन आने वाले ताजा कचरे का भी वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में दोबारा लैंडफिल के ऐसे पहाड़ खड़े न हों। उन्होंने नए टेंडर से जुड़े कार्यों में तेजी लाने और मशीनरी की क्षमता बढ़ाने के भी निर्देश दिए। सरकार के इन पुख्ता प्रयासों से यह तय माना जा रहा है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर दिल्ली को कचरे के इस नासूर से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी और एक स्वच्छ, स्वस्थ व सुंदर राजधानी का सपना साकार होगा।

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