Haryana News: हरियाणा में कांग्रेस पार्टी आगामी राजनीतिक चुनौतियों के मद्देनजर अपने संगठनात्मक ढांचे को धार देने की तैयारी में जुट गई है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी संजय सतीशचंद्र दत्त अपने दूसरे चरण के दौरे के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य केवल औपचारिकता पूरी करना नहीं, बल्कि जिला और विधानसभा स्तर पर संगठन की वास्तविक स्थिति को समझना और जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करना है। 19 से 23 जुलाई तक चलने वाला यह पांच दिवसीय दौरा कांग्रेस की भविष्य की चुनावी रणनीति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने की कवायद
अपने पहले चरण के दौरे में वरिष्ठ नेताओं के साथ राय-मशविरा करने के बाद, अब संजय दत्त का पूरा ध्यान जिला कांग्रेस कमेटियों, विधानसभा स्तरीय संगठन और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं पर है। इस दौरे की रिपोर्ट वह शीर्ष नेतृत्व को सौंप चुके हैं, और अब राहुल गांधी के निर्देशानुसार पार्टी नेतृत्व संगठन में सक्रियता लाने पर जोर दे रहा है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए दो घंटे का विशेष समय निर्धारित किया गया है, ताकि कार्यकर्ताओं की बात को गंभीरता से सुना जा सके। इस बार की बैठकों का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा संगठन के भीतर व्याप्त गुटबाजी को समाप्त करना, निष्क्रिय इकाइयों में जान फूंकना और सदस्यता अभियान के साथ नए मतदाताओं को जोड़ना है।
पांच दिवसीय विस्तृत दौरा कार्यक्रम
संजय दत्त का दौरा 19 जुलाई को पंचकूला से शुरू होगा और 23 जुलाई को करनाल में संपन्न होगा। इस यात्रा के दौरान वे पांच प्रमुख जिलों—पंचकूला, यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र और करनाल—के 18 विधानसभा क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे।
19-20 जुलाई: पंचकूला के बाद वे यमुनानगर में जगाधरी, साढ़ोरा और रादौर विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं से मिलेंगे। इसी दौरान वे अंबाला छावनी की जिला कमेटी के साथ भी बैठक करेंगे।
21 जुलाई: अंबाला जिले के मुलाना और नारायणगढ़ में संवाद करने के पश्चात, वे कुरुक्षेत्र पहुंचेंगे, जहां शाहबाद और थानेसर विधानसभाओं पर उनका विशेष फोकस रहेगा।
22-23 जुलाई: दौरे के अंतिम दो दिनों में वे पिहोवा, लाडवा, घरौंडा, इंद्री, नीलोखेड़ी, करनाल और असंध विधानसभा क्षेत्रों के पदाधिकारियों के साथ गहन चर्चा करेंगे।
24 और 25 जुलाई को दिल्ली में रहकर वे इन बैठकों का सार और भविष्य की कार्ययोजना कांग्रेस के आलाकमान के समक्ष रखेंगे।
प्रभारी का स्पष्ट राजनीतिक संदेश
संजय दत्त का यह दौरा पार्टी कार्यकर्ताओं को एक साफ संदेश दे रहा है कि अनुशासन और एकजुटता ही कांग्रेस की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। प्रभारी की रणनीति स्पष्ट है: बूथ स्तर तक कांग्रेस की सक्रियता बढ़नी चाहिए। यदि किसी स्तर पर संगठन निष्क्रिय पाया जाता है, तो पार्टी नेतृत्व भविष्य में बड़े संगठनात्मक बदलाव करने के संकेत भी दे रहा है। यह दौरा न केवल कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए है, बल्कि उनकी कार्यक्षमता को परखने और उन्हें आगामी चुनौतियों के लिए तैयार करने का एक ब्लूप्रिंट भी है। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि यदि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ता एकजुट हो गए, तो राज्य में पार्टी की स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी।
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