
Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के व्यापारियों और उद्योगपतियों की हर समस्या का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में नए निवेश को आकर्षित करने, उद्योगों के विस्तार, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को प्रोत्साहन देने और युवाओं के लिए व्यापक स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। रविवार को जालंधर में जिला व्यापार मंडल तथा जालंधर चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स द्वारा आयोजित एक विशेष संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने व्यापारिक एवं औद्योगिक जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने आश्वस्त किया कि उद्यमियों के हितों की रक्षा करना और उनके मार्ग में आने वाली बाधाओं को दूर करना सरकार की प्राथमिक नीतियों में शामिल है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य की आर्थिक प्रगति और खुशहाली का मुख्य आधार वहां का व्यापार और उद्योग होता है। जब उद्योगों का विस्तार होता है, तो न केवल निवेश बढ़ता है बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलते हैं, जिससे पूरी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। सरकार का निरंतर प्रयास है कि राज्य में ऐसा व्यापार-अनुकूल माहौल तैयार किया जाए, जिससे उद्यमी बिना किसी भय या हिचकिचाहट के नए निवेश और अपने कारोबार का विस्तार करने के लिए आगे आ सकें।

अपने हालिया विदेशी दौरों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने सिंगापुर और स्वीडन की यात्रा के दौरान अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के साथ औद्योगिक प्रोत्साहन और तकनीक साझा करने पर व्यापक चर्चा की है, जिसके तहत कई महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर भी किए गए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि हरियाणा सरकार ने राज्य में औद्योगिक नीति-2026 लागू की है, जिसका मुख्य उद्देश्य निर्यात को बढ़ावा देना, MSME क्षेत्र को मजबूती प्रदान करना और राज्य में भारी निवेश लाना है।
सामाजिक समरसता और नशामुक्त समाज के निर्माण का आह्वान

जालंधर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भगवान वाल्मीकि प्रकट उत्सव के अवसर पर आयोजित तीर्थ यात्रा समारोह को भी संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने आम जनता से भयमुक्त, नशामुक्त और खुशहाल समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि वास्तविक सुशासन और सत्ता का मूल ध्येय समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना और उसकी निस्वार्थ सेवा करना है।
भगवान वाल्मीकि के संदेशों का स्मरण कराते हुए उन्होंने कहा कि समाज में वास्तविक शांति, समृद्धि और प्रगति तभी संभव है, जब सभी वर्ग एकजुट होकर एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनें। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज पंजाब को एक बार फिर उसी नैतिक और सामाजिक पुनर्जागरण की आवश्यकता है। पंजाब के युवाओं को नशे के जाल से बाहर निकालकर उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और सम्मानजनक रोजगार से जोड़ना ही भगवान वाल्मीकि के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि और सेवा होगी।
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